ऑलवेदर रोड परियोजना में निर्माणाधीन रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर घटिया कार्य की जांच की मांग को लेकर 116 दिन से चला आ रहा ग्रामीणों का आंदोलन एनएच के साथ लिखित समझौते के बाद खत्म हो गया है। आंदोलनकारियों ने समझौते के तहत कार्य न होने पर पुन: आंदोलन के साथ हाईवे जाम की चेतावनी दी है।
अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले शेरसी व मैखंडा के ग्रामीण जून माह से गौरीकुंड हाईवे पर गुप्तकाशी से सोनप्रयाग के बीच घटिया कार्य की जांच की मांग को लेकर आंदोलनरत थे। ग्रामीण एनएच व कार्यदायी संस्था द्वारा बिना ग्राम व वन पंचायत की अनुमति के परिसंपत्तियों को क्षति पहुंचाने, प्रभावितों को मुआवजा देने, डंपिंग जोन पर क्षमता से अधिक मलबा भरने सहित अन्य समस्याओं को लेकर धरना दे रहे थे। शुक्रवार को एनएच के अधिकारी मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों के साथ वार्ता की। इस मौके पर प्रशासन की ओर से राजस्व उप निरीक्षक मनोहर कुंजवाल ने दोनों पक्षों के बीच लिखित समझौता कराया। एनएच के अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि हाईवे पर केदारघाटी में छूटे कार्यों को दो माह में पूरा कर दिया जाएगा। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने सर्वसम्मति से आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया। इस मौके पर किसान सभा के प्रांतीय उपाध्यक्ष राजाराम सेमवाल, जिलाध्यक्ष दौलत सिंह, सूरज लाल, विक्रम लाल, जसपाल लाल, प्रताप लाल, रमेश लाल, शिव प्रसाद, सुमित अग्रवाल आदि उपस्थित थे।