जिला पंचायत में अनियमितता को लेकर सदस्यों ने बोर्ड बैठक का बहिष्कार किया। कहना था कि सदस्यों की राय लिए बिना कार्य किए जा रहे हैं। राज्य वित्त के धन को विकास कार्यों पर खर्च के बजाय जिला पंचायत अध्यक्ष व अपर मुख्य अधिकारी के निजी खर्चों और मंत्री, नेताओं के चाय-पानी पर खर्च किया जा रहा है। सदस्यों का कहना था कि उनकी योजनाओं को कार्ययोजना में शामिल नहीं किया गया है।
जिपं अध्यक्ष अमरदेई शाह की अध्यक्षता में हुई राज्य वित्त व 15वें वित्त को लेकर जिला पंचायत बोर्ड की बैठक आयोजित की गई थी। सदस्यों का कहना था कि जिला पंचायत द्वारा सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। जिपं उपाध्यक्ष सुमंत तिवारी, सदस्य कुलदीप सिंह कंडारी, नरेंद्र सिंह बिष्ट, विनोद राणा, गणेश तिवारी, सुमन नेगी, शीला रावत, रेखा बुटोला चौहान का कहना था कि जिला पंचायत द्वारा राज्य वित्त से प्राप्त धनराशि को विकास कार्यों पर खर्च के बजाय मंत्री के दौरे पर खर्च किया गया है। साथ ही एक लाख रुपये का होल्डिंग बनाया गया है, जिसमें भाजपा नेताओं की फोटो छापी गई है। अभी तक जिला पंचायत द्वारा 15 लाख रुपये बर्बाद किए हैं। कहा कि जिला पंचायत द्वारा योजनाओं के शिलान्यास में सदस्यों के बजाय भाजपा के कार्यकर्ताओं को बुलाया जा रहा है। उन्होंने बैठक का बहिष्कार करते हुए चेतावनी दी कि अगर कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ, तो आगामी बैठक नहीं होने दी जाएगी। इधर, जिला पंचायत अध्यक्ष अमरदेई शाह ने बताया कि बैठक कोरम पूरा न होने के कारण नहीं हो पाई। विपक्ष के सदस्यों द्वारा धन के दुरुपयोग के जो आरोप लगाए गए हैं, वे गलत हैं।