ऊखीमठ। पंचकेदार में द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर की चल उत्सव विग्रह डोली अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर के लिए प्रस्थान करते हुए दूसरे पड़ाव रांसी गांव स्थित राकेश्वरी मंदिर पहुंच गई। इस मौके पर भक्तों ने आराध्य के दर्शन कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया।
बृहस्पतिवार को गौंडार गांव में सुबह मुख्य पुजारी टी. गंगाधर लिंग ने भगवान मद्महेश्वर की अभिषेक पूजा की। इस मौके पर ग्रामीणों ने दर्शन कर सामूहिक अर्ध्य लगाया। सुबह 8.30 बजे चल उत्सव विग्रह डोली ने गौंडार गांव से शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान किया। ग्रामीण अपने आराध्य को विदा करने के लिए गांव की सीमा तक पहुंचे। बांज-बुरांश के घने जंगल से होते हुए छह किमी की दूरी तय कर चल उत्सव विग्रह डोली दोपहर को रात्रि प्रवास के लिए राकेश्वरी मंदिर रांसी गांव पहुंची। यहां पर ग्रामीणों ने अक्षत-पुष्प के साथ लाल व पीले वस्त्र भेंट कर स्वागत किया। आज द्वितीय केदार की चल उत्सव विग्रह डोली अपने अंतिम रात्रि पड़ाव गिरिया गांव पहुंचेगी।
23 नवंबर को द्वितीय केदार शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के गर्भगृह में विराजमान हो जाएंगे। इस मौके पर यात्रा प्रभारी रमेश नेगी, डोली प्रभारी दीपक पंवार, ग्राम प्रधान वीर सिंह पंवार, मुकुंदी सिंह पंवार, विक्रम सिंह रावत, प्रमोद कैशिव, जगत सिंह, मदन सिंह पंवार, शिव सिंह रावत, रणजीत सिंह रावत सहित अन्य कई श्रद्धालु मौजूद थे।