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लान्यास के बाद भी कोटेश्वर-तिलणी झूला पुल को निर्माण का इंतजार

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शिलान्यास के डेढ़ वर्ष बाद भी कोटेश्वर-तिलणी झूला पुल का निर्माण नहीं हो पाया है। कार्यदायी संस्था अभी तक पुल के एबेडमेंट का बेस भी तैयार नहीं कर पाया है, जिससे लोगों में रोष है।
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मार्च 2020 में रुद्रप्रयाग के विधायक भरत सिंह चौधरी ने कोटेश्वर में स्टील गार्डर पैदल पुल का शिलान्यास किया, लेकिन डेढ़ वर्ष में कार्यदायी संस्था सिर्फ दस फीसदी कार्य कर पाई है। उक्रांद के मोहित डिमरी, दिनेश बिष्ट, एनएस रावत आदि का कहना है कि अलकनंदा नदी पर आजादी से पूर्व पैदल पुल बनाया गया था। पुल ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग से जहां कोटेश्वर, बेला, खुरड, गंधारी, सुमेरपुर, तिलणी, रतूड़ा, तूना, किमोठा, लमेरी आदि गांवों को जोड़ता था, वहीं, धनपुर व रानीगढ़ पट्टी के गांवों का भी कोटेश्वर मंदिर से सीधा संपर्क था। वर्ष 2016 में जर्जर होने से पुल क्षतिग्रस्त हो गया। लेकिन पांच वर्ष बाद भी पुल का पुनर्निर्माण नहीं हो पाया है। इधर, लोनिवि प्रांतीय खंड के ईई इंद्रजीत बोस ने बताया कि पुल का निर्माण कार्य किन्हीं कारणों से बंद हो गया था। लेकिन अब, निर्माण सामग्री कार्यस्थल पर पहुंचाने के साथ ही कार्य शुरू कर दिया गया है।
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