चार सूत्री मांगों को लेकर श्रीकेदारधाम होटल एसोसिएशन के बैनर तले केदारघाटी के यात्रा से जुड़े कारोबारियों ने जुलूस निकालकर सरकार के प्रति रोष जताया। उन्होंने कहा कि कोरोनाकाल में बाजारों को पूरी तरह से छूट दी जा रही है लेकिन यात्रा संचालन को लेकर कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं हो रहे हैं। एसोसिएशन ने मांगों पर कार्रवाई न होने की स्थिति में केदारघाटी से लेकर जिला मुख्यालय तक आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी है।
केदारघाटी के फाटा में श्रीकेदारधाम होटल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रमोद नौटियाल के नेतृत्व में सभी व्यवसायों से जुड़े लोगों ने चारधाम यात्रा शुरू करने, बिजली, पानी के बिल माफ करने, ब्याज माफ करने और चारधाम यात्रा से प्रभावित होटल व्यवसायी, लॉज/रेस्स्टोरेंट संचालक, घोड़ा-खच्चर व डंडी-कंडी मजूदरों को आर्थिक पैकेज देने की मांग की। उनका कहना था कि कोरोना संक्रमण के कारण लगातार दूसरे वर्ष यात्रा का संचालन नहीं होने से केदारघाटी में यात्रा से जुड़े कारोबारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। इसके बावजूद सरकार उनकी सुध नहीं ले रही है। जब बाजारों को पूर्णरूप से खोला गया है, तो यात्रा का संचालन क्यों नहीं किया जा रहा है। इस दौरान सांकेतिक जुलूस भी निकाला गया।
एसोसिएशन के सचिव नितिन जमलोकी ने बताया कि प्रशासन के माध्यम से सरकार को समस्याओं के बारे में कई बार अवगत करा चुके हैं। अब तक कोई सुध नहीं ली जा रही है। उन्होंने कोविड-19 के नियमों के तहत सरकार से यात्रा को पहले चरण में स्थानीय व दूसरे चरण में प्रदेश व तीसरे चरण में राष्ट्रीय स्तर पर संचालित करने की बात भी कही है। उन्होेंने कहा कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर केदारघाटी समेत मुख्यालय रुद्रप्रयाग तक धरना-प्रदर्शन व रैली की जाएगी। घोड़ा-खच्चर एसोसिएशन व व्यापार संघ ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य बबीता सजवाण, कनिष्ठ प्रमुख शैलेंद्र कोटवाल, अनूप गोस्वामी, जतिन बगवाड़ी, क्षेपं सदस्य प्रवीण सेमवाल, अंकित गैरोला, रॉबिन सिंह रावत मौजूद थे।