बीते दिनों हुई बर्फबारी से गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग बर्फ से लकदक हो रखा है। यहां रामबाड़ा से आगे आवाजाही संभव नहीं है। वहीं, केदारनाथ धाम में भी मंदिर परिसर में छह फीट से अधिक बर्फ जमी है, जबकि अन्य स्थानों पर 14 से 16 फीट बर्फ है। ऊखीमठ तहसील से केदारनाथ निरीक्षण को गई टीम भी टीएफ चट्टी से लौट आई है।
गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर जंगलचट्टी से ही रास्ते पर एक से डेढ़ फीट तक बर्फ है। भीमबली से आगे बर्फ तीन से पांच फीट तक मौजूद है। ऊखीमठ के तहसीलदार दीवान सिंह राणा के नेतृत्व में दो दिन पूर्व केदारनाथ निरीक्षण के लिए गई छह सदस्यीय टीम भारी बर्फ के चलते भीमबली टीएफ चट्टी से लौट आई है। बताया कि रामबाड़ा में पुल पार करने के बाद पैदल मार्ग पर तीन से पांच फीट तक बर्फ है। केदारनाथ मंदिर परिसर में भी छह फीट तक बर्फ जमी है। केदारपुरी में रुद्रा प्वाइंट से लेकर बेस कैंप व मंदिर के पीछे की तरफ कई जगहों पर 6 से 8 फीट तक बर्फ है। यहां तक कि केदारनाथ में कुछ स्थानों पर 14 से 16 फीट तक बर्फ जमी है। ऊखीमठ के उप जिलाधिकारी जितेंद्र वर्मा ने बताया कि डीएम के निर्देश पर टीम गई थी, लेकिन बर्फ अधिक होने से टीम लौट आई है।