केदारनाथ यात्रा को लेकर पशुपालन विभाग ने फाटा में शिविर संचालित किया गया, जिसमें 50 घोड़ा-खच्चरों की जांच कर पंजीकरण किया गया। बृहस्पतिवार को गौरीकुंड में कैंप का आयोजन किया जाएगा।
विभागीय कैंप में पशु चिकित्साधिकारी डा. प्रमोद भुटानी, डा. अमित सिंह और डा. राजीव गोयल ने घोड़ा-खच्चर स्वामियों को पशुओं के स्वास्थ्य को लेकर जरूरी जानकारी दी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. आशीष सिंह रावत ने बताया कि आगामी 1 अप्रैल तक न्याय पंचायत स्तर पर घोड़ा-खच्चरों की जांच कर लाइसेंस जारी किए जाएंगे।