रुद्रपुर में पुलिस लाइन में मृतक के शव को कंधा देते एसपी सिटी और अन्य पुलिसकर्मी।
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रुद्रपुर। सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल एसपी सिटी के गनर कैलाश आर्य जिंदगी की जंग की हार गए। दो दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद गनर ने दम तोड़ दिया। इससे पुलिसकर्मियों मेें शोक की लहर दौड़ गई। एसएसपी, एसपी सिटी सहित तमाम पुलिस कर्मियों ने पुलिस लाइन में मृतक को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और नम आंखों से अंतिम विदाई दी। इसके बाद परिजन शव को लेकर अल्मोड़ा रवाना हो गए।
मूल रूप से दुगालखोला (अल्मोड़ा) निवासी कैलाश आर्य (39) पुत्र चंदन राम पिछले साढ़े तीन वर्षों से एसपी सिटी देवेंद्र पिंचा के गनर थे। वह परिवार के साथ पुलिस लाइन स्थित सरकारी आवास में रहते थे। बीते बुधवार को कैलाश समन तामील कराने के लिए बाइक से बहेड़ी गए थे और उन्हें राममूर्ति अस्पताल से अपने पिता की दवाएं भी लेनी थी। लौटते समय पुलभट्टा थाने से दो किमी पहले यूपी क्षेत्र में अज्ञात वाहन ने कैलाश की बाइक को टक्कर मार दी थी। हादसे में कैलाश गंभीर रूप से घायल हो गए थे। आननफानन में उन्हें किच्छा रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
हालत नाजुक होने पर कैलाश को वेंटिलेटर पर रखा गया था। कैलाश की जिंदगी को बचाने के लिए 10 यूनिट खून भी चढ़ाया गया था लेकिन शुक्रवार दोपहर को कैलाश ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी और कर्मचारी अस्पताल पहुंच गए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस लाइन लाया गया। एसएसपी दलीप सिंह कुंवर, एसपी सिटी देवेंद्र पिंचा, एसपी क्राइम प्रमोद कुुमार, सीओ अमित कुमार सहित तमाम अधिकारी, कर्मचारियों ने शव पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। साथी पुलिस कर्मियों ने कैलाश को अंतिम सलामी दी।
एसपी देवेंद्र पिंचा और अन्य कर्मियों ने शव को कंधा देकर वाहन तक पहुंचाया। इसके बाद परिजन शव लेकर घर के लिए रवाना हो गए। कैलाश आर्य वर्ष 2001 बैच का कांस्टेबल थे। वह अपने पीछे पत्नी ममता और दो बेटों को बिलखता छोड़ गए हैं। उनके छोटे भाई महेंद्र अल्मोड़ा में शिक्षक हैं। एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने बताया कि सिपाही के शव को ससम्मान उनके घर भेज दिया गया है। पूरा विभाग दिवंगत सिपाही के परिजनों के साथ खड़ा है। विभाग की ओर से हर संभव मदद परिजनों को उपलब्ध कराई जाएगी।