केदारनाथ में भव्य संग्रहालय बनाया जाएगा, जिसमें यात्रा के इतिहास से लेकर भावी केदारपुरी के बारे में संपूर्ण जानकारी संजोई जाएगी। यहां धर्म, संस्कृति से जुड़ा प्राचीन व नवीन साहित्य के साथ ही वे कई धरोहरें संग्रहित की जाएगी। पुनर्निर्माण के दूसरे चरण में होने वाले निर्माण कार्यों में संग्रहालय का कार्य मास्टर प्लान से होना है। कार्यदायी संस्था लोनिवि व डीडीएमए द्वारा सरस्वती नदी किनारे भूमि चिह्नित कर ली गई है।
मंदिर के दाई तरफ सरस्वती नदी किनारे गढ़वाल मंडल विकास निगम के पुराने भवन को हटाकर भव्य म्यूजियम बनाया जाना है। कार्यदायी संस्था डीडीएमए के आला अधिकारियों के द्वारा धाम में चिह्नित जगह का निरीक्षण करते हुए संग्रहालय निर्माण की कवायद शुरू कर दी गई है। संग्रहालय में आदि गुरु शंकराचार्य से जुड़े विषयों के साथ ही धर्म, संस्कृति, साहित्य, चारधाम, भगवान आशुतोष के द्वादश ज्योतिर्लिंग, केदारनाथ धाम की महिमा, केदारनाथ यात्रा का इतिहास, पांडवों का केदारनाथ सहित पंच केदार से संबंध, केदारनाथ मंदिर निर्माण जुड़ी पुस्तकें, ताम्रपत्र, शिलापट, अभिलेख, वर्तन, वस्तुएं, देव निशाष, देव मूर्तियां आदि संजोई जाएगी। यही नहीं, इस संग्रहालय में चार वेद, पुराण, शिव महापुराण सहित अन्य धार्मिक ग्रंथों की प्रतियां भी रखी जाएगी।
केदारनाथ में पुनर्निर्माण के दूसरे चरण में मास्टर प्लान से म्यूजियम का निर्माण किया जाना है। सरस्वती नदी किनारे जीएमवीएन के पुराने भवन को तोडर्क यह निर्माण होना है। जल्द ही म्यूजियम का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा, जिसे एक वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
- प्रवीण कर्णवाल, ईई, डीडीएमए-लोनिवि गुप्तकाशी।