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मेले में ठहरना फ्री, रजाई के वसूले जा रहे 70 रुपये

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पंतनगर किसान मेले में आए किसान। - फोटो : RUDRAPUR
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विवि प्रशासन ने मेले में किसानों के लिए नगला और हल्दी रेलवे स्टेशन से वाहनों के साथ ही परिसर में उनके ठहरने का नि:शुल्क इंतजाम किया है। यहां पर दरी और गद्दा तो फ्री है, लेकिन ओढ़ने के लिए प्रति रजाई 70 रुपये लिए जा रहे हैं। मेले में खाने पीने से लेकर कपड़ों समेत कृषि व गृह उपयोगी वस्तुओं के दाम भी महंगे हैं।
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स्टाल स्वामियों ने बताया कि उनसे स्टाल के लिए भारी भरकम शुल्क लिया गया है। उन्हें कमाने के लिए दाम बढ़ाने पड़ते हैं। मेले में सहगों, रायबरेली से पहुंचे 91 किसानों के दल में शामिल नरेंद्र कुमार, ओम प्रकाश, राजू पटेल, विकास सिंह और कबीर सरन ने बताया कि वह मंगलवार देर रात पंतनगर पहुंचे थे। मेले में सभी के खाने-पीने में लगभग दस हजार रुपये खर्च हो गए।
रात्रि विश्राम के लिए जब कृषक भवन पहुंचे तो वहां दरी का इंतजाम तो था लेकिन प्रति रजाई के लिए 70 रुपये प्रतिदिन जमा करने को कहा गया। हमारे पास पैसा नहीं था। इसलिए चादर और शाल में रात बिताई। दो दिन के लिए आए थे लेकिन आज ही बीज लेकर लौट जाएंगे। संभल मुरादाबाद से बीज लेने पंतनगर पहुंचे 14 सदस्यीय दल में शामिल श्रीनिवास ने बताया कि उन से भी 70 रुपये रजाई शुल्क वसूला गया। दल ने मजबूरी में पांच रजाइयों में ही रात काटी। इसकी शिकायत उन्होंने उच्चाधिकारियों से भी की लेकिन कोई समाधान नहीं निकला था।
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पूरनपुर, पीलीभीत के किसान गुरजीत सिंह, परमवीर सिंह, परविंदर सिंह और बलजिंदर सिंह ने बताया कि उन्हें एक रात के लिए प्रति रजाई 70 रूपए जमा कराने को कहा गया। इसलिए उन्होंने मेले से ही दो हजार रुपये में चार कंबल खरीद लिए थे। मेले में हर चीज के दाम आसमान छू रहे हैं।
मेले में वाहनों पर भी कोई अंकुश नहीं
पंतनगर। किसान मेले में दो पहिया, चार पहिया और बड़े वाहनों पर भी कोई अंकुश नहीं है। मेले के प्रत्येक मार्ग पर बैरियर समेत सुरक्षा कर्मियों की तैनाती तो है लेकिन फिर भी मेलार्थी और स्टाल स्वामी धड़ल्ले से मेला प्रांगण में वाहनों पर फर्राटे भर रहे हैं। इससे किसानों को परेशानी उठानी पड़ती है।
किसानों के लिए ठहरने, दरी या गद्दा आदि कमेटी से अप्रूव हैं। लेकिन उसमें रजाई या कंबल देने का कोई प्रावधान नहीं है। मामला कल देर शाम को मेरे संज्ञान में आया था, लेकिन तत्काल दरें निर्धारित करना संभव नहीं था। इसलिए यहीं के टेंट कांट्रैक्टर को बुलाकर रजाईयां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। अब रजाई का शुल्क 20 रुपये निर्धारित कर दिया गया है।
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डॉ. अनिल कुमार शर्मा, मेला प्रभारी और निदेशक प्रसार शिक्षा पंतनगर विवि
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