रुद्रपुर। जसपुर के मनोरथपुर ग्राम पंचायत में हुए घपले के उजागर होने के बाद भी प्रधान पर कार्रवाई करने को लेकर डीपीआरओ की तरफ से हुई हीलाहवाली की जांच कमिश्नर ने पूरी कर ली है। कमिश्नर ने गोपनीय जांच की रिपोर्ट मुख्य सचिव को भेज दी है। बताया जा रहा है कि गोपनीय जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन स्तर पर बड़ी कार्रवाई की जा सकती है। मामले में डीपीआरओ पंचायती राज निदेशालय में संबद्ध चल रहे हैं।
दरअसल मनोरथपुर गांव में वर्ष 2015-16 और 2016-17 में प्रधानमंत्री आवास, शौचालय और मनरेगा कार्यों में धांधली की शिकायत पर डीएम डॉ. नीरज खैरवाल के निर्देश पर सीडीओ ने डीडीओ जांच कराई थी। जांच में शिकायतें सही पाई गई थीं। इस पर अपात्रों से शौचालय की एवज में कुल 13 लाख रुपये की वसूली हुई थी। ग्राम विकास अधिकारी को सस्पेंड करने केे साथ ही जेई को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया था।
स्वजल की परियोजना अधिकारी को रुद्रपुर अटैच किया गया था। मामले में प्रधान पर कार्रवाई नहीं होने पर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल हुई थी। इसके बाद मामले में प्रधान सहित उक्त तीन कार्मिकों के खिलाफ गबन का मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। वहीं, प्रधान पर कार्रवाई नहीं होने पर हाईकोर्ट ने दूसरी सुनवाई पर कड़ी नाराजगी जताई थी। इसी बीच प्रधान को बर्खास्त कर दिया था।
इसके बाद डीएम ने पूरे प्रकरण को लेकर डीपीआरओ के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजी थी। शासन ने बीती 18 जुलाई को डीपीआरओ विद्या सिंह सोमनाल को निदेशालय अटैच किया था। डीपीआरओ का चार्ज जिला बचत अधिकारी को सौंपा गया था। मुख्य सचिव ने प्रधान पर कार्रवाई नहीं होने को लेकर डीपीआरओ की भूमिका सहित अन्य बिंदुओं पर कमिश्नर को जांच के निर्देश दिए थे।
कमिश्नर ने सीडीओ से मामले की पत्रावली तलब करने के साथ ही संबद्ध चल रहे डीपीआरओ, डीएम, एडीपीआरओ और एक कर्मचारी के बयान दर्ज किए थे। कमिश्नर राजीव रौतेला ने बताया कि मामले की जांच रिपोर्ट मुख्य सचिव को भेजी जा चुकी है। जांच गोपनीय है, लिहाजा इस संबंध में वे कुछ नहीं बता सकते हैं।
जसपुर पुलिस ने तलब किए रिकॉर्ड
रुद्रपुर। जसपुर के मनोरथपुर में सरकारी धन के गबन को लेकर दर्ज मुकदमे में पुलिस ने भी जांच तेज कर दी है। मामले में जसपुर पुलिस ने विकास भवन में स्थित संबंधित विभागों से उन योजनाओं की पत्रावली मांगी है, जिनमें घपले का मुकदमा दर्ज हुआ है। स्वजल, मनरेगा विभाग ने पुलिस को पत्रावलियों की छायाप्रति भेजने का काम शुरू कर दिया है।