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Rudraprayag News: त्रियुगीनारायण में बावन द्वादशी मेला शुरू

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संवाद न्यूज एजेंसी
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गुप्तकाशी। शिव-पार्वती की विवाहस्थली त्रियुगीनारायण में तीन दिवसीय बावन द्वादशी मेला रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ शुरू हो गया है। महोत्सव का पहला दिन लोक गायक सौरभ मैठाणी व गायिका पूनम सती के नाम रहा। साथ ही स्कूली बच्चों महिला मंगल दल ने भी एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दीं।

मेला का उद्घाटन मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान प्रियंका तिवारी, उप प्रधान विश्वेश्वरी देवी, तीर्थपुरोहित समिति के अध्यक्ष सच्चिदानंद पंचपुरी व पंच तामेर गोविंद राम भट्ट ने सयुंक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
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इस अवसर पर राजकीय इंटर कॉलेज त्रियुगीनारायण की छात्राओं व महिला मंगल दल ने स्वागत गीत से अतिथियों का सत्कार किया। मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान प्रियंका तिवारी ने कहा कि त्रियुगीनारायण का अपना विशेष महत्व है। प्राचीन व धार्मिक मेलों के आयोजन से भाईचारा व आपसी सौहार्द बढ़ता है, इसलिए धार्मिक मेलों के संरक्षण व संवर्धन के लिए सामूहिक पहल जरूरी है।
व्यापार संघ अध्यक्ष महेंद्र सेमवाल ने कहा कि बावन द्वादशी मेले को राज्य स्तरीय पहचान मिले, इसके लिए सभी को एकजुट प्रयास करने होंगे। मेला समिति अध्यक्ष दिवाकर गैरोला ने कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत की।
मेला के पहले दिन लोक गायक सौरभ मैठाणी ने मीं पहाड़ों कु रैबासी.. से खूब तालियां बटोरी। लोक गायिका पूनम सती ने मां नंदा भगवती की स्तुति से सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू किए। इस अवसर पर लोक कलाकार दिग्विजय परिहार, विवेक नौटियाल व शुभम गैरोला ने भी कई गीत गाए।
राजेश जोशी ने मेला में हास्य व्यंग की प्रस्तुतियों से मेलार्थियों का मन मोह लिया। इस मौक पर महिला मंगल दल अध्यक्ष अनिता देवी, सरपंच राजेश भट्ट, व्यापार संघ अध्यक्ष अंकित गैरोला, मेला समिति योगेंद्र तिवारी, अंकित कुर्मांचली, मीनाक्षी प्रसाद, रमेश भट्ट, रजनीश गैरोला आदि मौजूद थे।
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संतान प्राप्ति के लिए जागरण किया
गुप्तकाशी। शिव-पार्वती की विवाह स्थली त्रियुगीनारायण में बामन द्वादशी मेला का विशेष महात्मय है। यहां बामन द्वादशी की पूर्व रात्रि को निसंतान दंपती भगवान नारायण से संतान प्राप्ति के लिए रात में जागरण करते हैं। इसके लिए 15 दंपतियों ने पंजीकरण कराया है। इस वर्ष भी दूर-दराज से कई निसंतान दंपती यहां पहुंचे हैं, जो पूरी रात हाथ में दीपक लेकर भगवान का आह्वान करेंगे। शनिवार की सुबह सूर्योदय से पूर्व दीपक को मंदिर में मौजूद कुंड में विसर्जन किया जाएगा। संवाद
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