केदारनाथ धाम के कपाट छह मई को खुलने जा रहे हैं। इस दौरान प्रसिद्ध जागर साम्राज्ञी पद्मश्री बसंती बिष्ट अपनी टीम के साथ भगवान शिव का आह्वान करेंगी। यह कार्यक्रम पांच मई को गौरीकुंड और छह को केदारनाथ मंदिर परिसर में आयोजित होगा।
करीब दो साल बाद बड़े पैमाने पर आयोजित हो रही चारधाम यात्रा को सफल बनाने में सरकार किसी तरह की कसर नहीं छोड़ना चाहती। यही कारण है कि सभी धामों के कपाट खुलने के अवसर पर बड़े आयोजन किए जा रहे हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालु इससे जुड़ सकें।
बसंती बिष्ट ने बताया कि केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के दौरान भगवान शिव के गढ़वाली भाषा के जागरों से उनकी स्तुति की जाएगी। बसंती बिष्ट अपनी 17 सदस्यीय टीम के साथ गौरीकुंड के लिए रवाना हो गई हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर खुलने के शुभ अवसर पर चमोली बधाण के पारंपरिक लोक नृत्य झोड़ा-चांचड़ी का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।
कोविड के कारण दो साल से बंद आदि कैलाश यात्रा दो जून से शुरू होगी। पर्यटक पहली बार वाहन से आदि कैलाश तक यात्रा करेंगे। इसके लिए बीआरओ चीन सीमा तक सड़क बनाने के बाद डामरीकरण, चौड़ीकरण, नाली निर्माण, सुरक्षा दीवार का निर्माण तेजी से कर रहा है। बीआरओ की 65 आरसीसी और 67 आरसीसी सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण कर रहा है।