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तैयारी: इस बार टोकन से होंगे बाबा केदार के दर्शन, मंदिर परिसर में भीड़ नियंत्रित करने के लिए बनाई गई योजना

Wed, 04 May 2022 08:53 PM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग

सार

पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल ने बताया कि प्रयास है कि कपाटोद्घाटन से ही यह व्यवस्था शुरू कर दी जाए। बताया कि यात्रियों की संख्या के हिसाब से टोकन का वितरण होगा। 
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बाबा केदारनाथ - फोटो : AmarUjala
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विस्तार
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बाबा केदार के दर्शनों के लिए टोकन व्यवस्था की गई है। इससे यात्रियों की लंबी लाइन में इंतजार नहीं करना पड़ेगा। टोकन नंबर को प्रदर्शित करने के लिए मंदिर परिसर में कई स्क्रीन लगाई जा रही हैं।

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यात्रियों को एमआई-26 हेलीपैड पर ही टोकन दिए जाएंगे। इसके लिए पुलिस, होमगार्ड और डीडीआरएफ के जवान तैनात रहेंगे। प्रत्येक कूपन का अलग कोड नंबर होगा। 

पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल ने बताया कि प्रयास है कि कपाटोद्घाटन से ही यह व्यवस्था शुरू कर दी जाए। बताया कि यात्रियों की संख्या के हिसाब से टोकन का वितरण होगा। अनुमान है कि मई आखिरी सप्ताह से जून दूसरे सप्ताह तक यात्रियों की संख्या प्रतिदिन 30 से 35 हजार हो सकती है।

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पद्मश्री बसंती बिष्ट करेंगी शिव का आह्वान

केदारनाथ धाम के कपाट छह मई को खुलने जा रहे हैं। इस दौरान प्रसिद्ध जागर साम्राज्ञी पद्मश्री बसंती बिष्ट अपनी टीम के साथ भगवान शिव का आह्वान करेंगी। यह कार्यक्रम पांच मई को गौरीकुंड और छह को केदारनाथ मंदिर परिसर में आयोजित होगा। 

करीब दो साल बाद बड़े पैमाने पर आयोजित हो रही चारधाम यात्रा को सफल बनाने में सरकार किसी तरह की कसर नहीं छोड़ना चाहती। यही कारण है कि सभी धामों के कपाट खुलने के अवसर पर बड़े आयोजन किए जा रहे हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालु इससे जुड़ सकें। 

बसंती बिष्ट ने बताया कि केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के दौरान भगवान शिव के गढ़वाली भाषा के जागरों से उनकी स्तुति की जाएगी। बसंती बिष्ट अपनी 17 सदस्यीय टीम के साथ गौरीकुंड के लिए रवाना हो गई हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर खुलने के शुभ अवसर पर चमोली बधाण के पारंपरिक लोक नृत्य झोड़ा-चांचड़ी का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।  
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आदि कैलाश यात्रा दो जून से शुरू होगी

कोविड के कारण दो साल से बंद आदि कैलाश यात्रा दो जून से शुरू होगी। पर्यटक पहली बार वाहन से आदि कैलाश तक यात्रा करेंगे। इसके लिए बीआरओ चीन सीमा तक सड़क बनाने के बाद डामरीकरण, चौड़ीकरण, नाली निर्माण, सुरक्षा दीवार का निर्माण तेजी से कर रहा है। बीआरओ की 65 आरसीसी और 67 आरसीसी सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण कर रहा है।
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