रुद्रप्रयाग। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सेविकाओं का चार सूत्री मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार 24वें दिन भी जारी रहा। उन्होंने कहा कि, जब तक उनकी मांगों पर शासन स्तर से ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, वह आंदोलनरत रहेंगी। उन्होंने प्रदेश सरकार व निदेशालय पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए तेज आंदोलन की चेतावनी भी दी।
न्यूनतम मानदेय 18 हजार रुपये, सेवानिवृत्त होने पर दो लाख रुपये का प्रावधान, इंटरमीडिएट उत्तीर्ण आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को पदोन्नति में प्राथमिकता देने और गोल्डन कार्ड सुविधा की मांग को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 25वें दिन भी जिला मुख्यालय में पुराने विकास भवन में हड़ताल पर रहीं। उधर, ऊखीमठ व जखोली तहसील परिसर में भी आंदोलनकारी कार्यकर्ता धरने पर डटे रहे।
हड़ताल के कारण जिले के 350 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताले लटके हैं। साथ ही केंद्रों में बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं को वितरित होने वाले पोषाहार का वितरण ठप है। हड़ताल से बीएलओ कार्य भी नहीं हो रहा है। हड़ताल में संगठन की जिलाध्यक्ष सुनीता बत्र्वाल, शांति खन्न्ना, सुमन खंडूड़ी, सुरजी नेगी, विमला पंवार, राजेश्वरी राणा, रोशनी, पार्वती, रजनी नौटियाल, सुषमा रौथाण, प्रेमा बत्र्वाल, सुनीता भट्ट, उपासना सेमवाल, सविता राणा आदि मौजूद थे।