रुद्रप्रयाग। दहेज उत्पीड़न के मामले में सत्र एवं जिला न्यायाधीश की अदालत ने दोषी पति को सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर, छह माह की अतिरिक्त होगी। पुलिस अभिरक्षा में दोषी को पुरसाड़ी जेल भेज दिया गया है।
सरकार की तरफ से मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता (फौजदारी) सुदर्शन सिंह चौधरी ने बताया कि मदन सिंह निवासी ग्राम थपोनी ने 22 जून 2023 को रुद्रप्रयाग कोतवाली में तहरीर दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि ससुराल पक्ष की प्रताड़ना से तंग आकर उनकी बेटी संगीता ने 21 जून को आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने बताया था कि ससुराल पक्ष के लोग दहेज के लिए निरंतर संगीता को प्रताड़ित करते थे और उसका पति मंजीत मारपीट करता था। तहरीर के आधार पर पति मंजीत सिंह, सास नर्वदा देवी और देवर पंकज सिंह व संदीप सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस, ने मामले की विवेचना पूरी कर न्यायालय में पेश किया। जहां जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मंजीत को दोषी पाते हुए सात वर्ष की सजा सुनाई और अर्थदंड लगाया।