रुद्रप्रयाग समेत अन्य हिस्सों में लगातार हो रही बारिश से मंदाकिनी व अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ गय?
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लगातार हो रही बारिश से सोमवार को मंदाकिनी व अलकनंदा नदी उफान पर रही। अलकनंदा नदी का जलस्तर 623.20 व मंदाकिनी नदी का जलस्तर 622 मीटर रहा। भले ही अभी तक दोनों नदियां खतरे के निशान से लगभग चार मीटर नीचे बह रही हैं, लेकिन प्रशासन ने एतियात के तौर पर नदी किनारे बने आवासीय व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से जुड़े लोगों को सतर्क रहने को कहा है। साथ ही आपदा प्रबंधन व राजस्व विभाग को जरूरी तैयारी के लिए अलर्ट कर दिया गया है।
रविवार मध्य रात्रि से सोमवार दोपहर तक हुई तेज बारिश के कारण केदारघाटी से ही मंदाकिनी का उफान अपने चरम पर रहा। वहीं, अलकनंदा का वेग भी बीते दिनों की अपेक्षा बहुत अधिक रहा। दोनों नदियों के उफान पर होने से जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग में विभिन्न स्थानों पर बने नमामि गंगे के घाट और पुराने विकास भवन के ठीक नीचे नदी किनारे स्थापित भगवान शिव की मूर्ति भी जलमग्न हो चुकी है। अलकनंदा नदी का जलस्तर कोटेश्वर मंदिर में गुफा तक पहुंचने के चलते सुरक्षा कारणों से जलाभिषेक को पहुंचे लोगों को पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीम ने पहले ही रोक दिया था। केदारघाटी व जनपद चमोली के घाट क्षेत्र में हुई तेज बारिश के चलते दोनों नदियों का जलस्तर में पूरे दिन उतार-चढ़ाव होता रहा। इधर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी हरीश चंद्र शर्मा ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से संबंधित सभी विभागों को अलर्ट किया गया है। साथ ही नदी किनारे बसे लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। जरूरी हुआ तो सभी परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। उन्होंने अगस्त्यमुनि व तिलवाड़ा में भी लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।