रुद्रप्रयाग। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तहत स्वीकृत राष्ट्रीय विद्यालयी सुरक्षा कार्यक्रम तय समय सीमा समाप्त होने के बावजूद जिले में संचालित नहीं हो पाया है। जबकि योजना के संचालन के लिए आपदा प्रबंधन विभाग को 56 लाख रुपये भी आवंटित किए जा चुके हैं।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के तहत वर्ष 2011 में राज्य में रुद्रप्रयाग व बागेश्वर जनपद में राष्ट्रीय विद्यालयी सुरक्षा कार्यक्रम संचालन की स्वीकृति मिली थी। इसके तहत जिले के दो सौ विद्यालयाें (प्राथमिक से लेकर माध्यमिक) का चयन हुआ था। इन विद्यालयाें में आपदा प्रबंधन समितियां गठित की जानी थी। इन्हें विभागीय प्रशिक्षकाें ने आपदा प्रबंधन, मॉक ड्रिल, राहत व खोज-बचाव सहित अन्य प्रशिक्षण देना था। योजना के तहत जिले में मात्र विद्यालय भवनाें का सर्वेक्षण ही किया गया। जबकि योजना संचालन के लिए दो वर्ष से जिला समन्वयक भी तैनात हैं। इसके बावजूद कार्यक्रम शुरू नहीं हो पाया।
कोट-
योजना के तहत प्रथम चरण में स्कूलाें का रेपिड सर्वेक्षण करवाया जा चुका है। इसके बाद पहले ऊखीमठ आपदा व उसके बाद केदारनाथ त्रासदी होने से योजना संचालन में देरी हुई है। इस संबंध में जिला प्रशासन को भी रिपोर्ट दे दी गई है। - मीरा कैंतुरा, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, रुद्रप्रयाग