रुद्रप्रयाग। विजयनगर में झूुला पुल निर्माण में हो रही देरी से नाराज जिलाधिकारी डा. राघव लंगर ने लोनिवि रुद्रप्रयाग डिवीजन के ईई का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने पुल का निर्माण शुरू होने के बाद ईई का वेतन निर्गत करने को कहा। वहीं लोनिवि के अनुसार पुल निर्माण के लिए भूमि राजस्व विभाग ने उपलब्ध करानी है। भूमि नहीं मिलने से पुल निर्माण होना संभव नहीं है।
गत वर्ष दैवी आपदा में विजयनगर में मंदाकिनी नदी के ऊपर निर्मित झूला पुल बह गया था। यहां पर 145 मीटर स्पान के झूला पुल के नव निर्माण के लिए एमपीलेड (सांसद विकास निधि) के अंतर्गत लोनिवि रुद्रप्रयाग को करीब एक वर्ष पहले तीन करोड़ 34 लाख 61 हजार रुपये दिए गए थे। बावजूद इसके पुल का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। विजयनगर में नदी पार करने के लिए लगाई गई ट्रालियों पर समय-समय पर हादसे होते रहते हैं। पांच अक्तूबर को लोगों ने पुल निर्माण नहीं होने पर विजयनगर में डीएम का घेराव भी किया था।
डीएम डा. राघव लंगर ने बताया कि अधिकारियों, विभागाध्यक्ष और सचिव से पत्राचार किया जा चुका है। एक माह पूर्व ईई ने मौखिक रूप से अवगत कराया था कि झूला पुल के निर्माण के लिए केदारनाथ हाईवे की ओर एंकर ब्लाक का निर्माण कराना होगा। इसके लिए भूमि का अधिग्रहण करना पडे़गा। लेकिन अब तक ईई ने भूमि अधिग्रहण के संबंध में प्रशासन को कोई प्रस्ताव नहीं दिया। इसलिए झूला पुल का निर्माण शुरू होने तक ईई इंद्रजीत बोस का वेतन आहरित करने पर रोक लगाई गई है।
इधर, ईई बोस ने बताया कि 21 अगस्त को एसडीएम रुद्रप्रयाग और उनके एई ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया था। इसमें एंकर ब्लाक के लिए एक व्यक्ति की दुकान अधिग्रहीत करने की जरूरत है। भवन स्वामी ने इस स्थान के बदले अन्यत्र भूमि मांगी है। जमीन संबंधी मामले का निस्तारण तहसील ने करना है। इस संबंध में तीन सितंबर को डीएम को पत्र भेजा जा चुका है।