फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सड़क के इंतजार में इशाला गांव के 75 परिवार

विज्ञापन
विज्ञापन
अगस्त्यमुनि ब्लॉक के तल्लानागपुर क्षेत्र में इशाला गांव के 75 परिवार सात वर्ष से मोटर मार्ग के निर्माण की मांग कर रहे हैं। स्वीकृत दो किमी सड़क भूमि हस्तांतरण नहीं होने से अधर में लटकी हुई है। इस कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के सामान के लिए भी घने जंगल से होकर नौ किमी पैदल नापना पड़ रहा है।
विज्ञापन

इशाला गांव को यातायात से जोड़ने के लिए वर्ष 2014 में कुरझण-कांडई मोटर मार्ग से तिलाड़ी-इशाला दो किमी मार्ग स्वीकृत किया गया था। सात वर्ष बीत जाने के बाद भी भूमि हस्तांतरण और मलबा डंपिंग जोन तय नहीं होने से मार्ग का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। ग्राम प्रधान गजेंद्र सिंहराणा, सरपंच शिवराज सिंह कठैत, सामाजिक कार्यकर्ता बुद्धि बल्लभ थपलियाल, पुष्कर बिष्ट, भीमराज सिंह, राजेंद्र सिंह, पूर्व प्रधान अंजू देवी का कहना है कि सड़क के अभाव में इशाला के ग्रामीणों को रोजमर्रा के सामान के लिए सारी होते हुए 9 किमी पैदल गोचर पहुंचना पड़ रहा है। गोचर से रसोई गैस सिलिंडर, सीमेंट का बैग समेत सगाई-विवाह व धार्मिक आयोजन की सामग्री गांव तक पहुंचाने के लिए प्रति नग के हिसाब से चार से छह सौ रुपये ढुलान देना पड़ रहा है। गांव के 10वीं/12वीं के छात्र-छात्राओं को भी जीआईसी जखतोली के लिए 14 किमी की दो तरफा पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता इंद्रजीत बोस ने बताया कि जिला योजना में स्वीकृत दो किमी तिलाड़ी-इशाला मोटर मार्ग के लिए भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया के तहत वन विभाग को नया प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया है। साथ ही मलबा निस्तारण के लिए अलग-अलग जगहों पर जोन चिह्नित कर प्रस्ताव बनाकर दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें