केदारनाथ में रविवार को दिनभर रुक-रुककर हल्की बर्फबारी होती रही। यहां नौ फीट से अधिक बर्फ जम चुकी है। खराब मौसम के कारण 32 लोग केदारनाथ से वापस आ गए हैं, जबकि 25 लोग अब भी धाम में हैं। धाम में छह दिन से बिजली और संचार सेवा ठप पड़ी है।
रविवार को सुबह से खराब मौसम और अत्यधिक ठंड के कारण केदारनाथ में आदिगुरु शंकराचार्य की समाधि का पुनर्निर्माण कार्य कर रही कार्यदायी संस्था वुड स्टोन कंपनी के 28 मजदूरों के साथ ऊर्जा निगम और गढ़वाल मंडल विकास निगम के 2-2 कर्मचारियों सहित कुल 32 लोग बर्फ से लकदक 17 किमी लंबे पैदल मार्ग से सकुशल गौरीकुंड पहुंच गए हैं। कार्यदायी संस्था के टीम प्रभारी कैप्टन सोबन सिंह बिष्ट सहित 25 लोग अब भी धाम में मौजूद हैं। कैप्टन बिष्ट ने बताया कि बीते छह दिन से केदारपुरी में बिजली और संचार सेवा पूरी तरह से ठप है। डीएसपीटी के माध्यम से प्रशासन से बातचीत हो पा रही है। इन अव्यवस्थाओं के कारण पुनर्निर्माण कार्यों में खासी दिक्कतें आ रही हैं। धाम में अधिकतम तापमान 4.8 और न्यूनतम मानइस 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बिष्ट के अनुसार केदारनाथ-गौरीकुंड पैदल मार्ग पर दो से छह फीट तक बर्फ मौजूद है। रुद्रा प्वाइंट से लिनचोली के बीच आवाजाही अति संवेदनशील बनी हुई है। पूरे पैदल मार्ग पर ऊर्जा निगम की विद्युत लाइन को भारी क्षति पहुंची हैं। यहां विद्युत लाइन जगह-जगह पर क्षतिग्रस्त पड़ी हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी हरीश चंद्र शर्मा ने बताया कि केदारनाथ से पैदल मार्ग से लौटे मजदूरों को लाने के लिए उनके नेतृत्व में पांच सदस्यीय दल सुबह 10 बजे गौरीकुंड से केदारनाथ के लिए रवाना हुआ था, लेकिन धाम से 32 लोगों के वापस आने पर वे भी गौरीकुंड लौट आए हैं।
लिनचोली में चार हट्स क्षतिग्रस्त
रुद्रप्रयाग। बीते दिनों हुई भारी बर्फबारी के कारण गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर लिनचोली में गढ़वाल मंडल विकास निगम की चार हट्स बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। यहां ऊर्जा निगम के दो ट्रांसफार्मर व कुछ पोल भी बर्फ में दब गए हैं। डीएम मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि गौरीकुंड से केदारनाथ तक जिन-जिन संपत्तियों को बर्फ से नुकसान हुआ है, उसके आकलन के लिए मौसम में सुधार होने पर टीमें रवाना की जाएंगी। क्षतिग्रस्त संपत्तियों की प्राथमिकता से मरम्मत कर केदारनाथ तक बिजली व संचार सेवा बहाल की जाएगी।