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जूठे बर्तन धो कर जीवन यापन कर रहा आंदोलनकारी

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रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड राज्य निर्माण में अग्रणी भूमिका निभान वाले आंदोलनकारियों ने सोचा भी नहीं होगा कि राज्य बनने के बाद उन्हें इस तरह उपेक्षा झेलनी पड़ेगी। स्थिति यह है कि राज्य आंदोलन में अग्रणी पांत में शामिल राज्य आंदोलनकारी सुरेंद्र सिंह सिंधवाल जूठे बर्तन धोकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं।
अगस्त्यमुनि ब्लॉक के ग्राम पंचायत तूना (धनपुर) निवासी सुरेंद्र सिंह ने राज्य आंदोलन में अहम भूमिका निभाई। दिल्ली में प्राइवेट नौकरी छोड़कर वह राज्य आंदोलन में कूदे। 16 अगस्त 1995 को दिल्ली में पुलिस ने गिरफ्तार कर उन्हें संसद स्ट्रीट थाने में बंद किया। यहां से उन्हें एक दिन की पुलिस रिमांड व सात दिन सजा पर तिहाड़ जेल भेजा गया। इसके बाद तो सिंधवाल पूरी तरह से आंदोलन के रंग में रंग गए। जेल से छूटने के बाद वे साथियों के साथ पैदल मुजफ्फरनगर पहुंचे।
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राज्य बनने के बाद आंदोलनकारियों को नौकरी और पेंशन मिली, वहीं सिंधवाल इससे वंचित रह गए। चिह्नित राज्य आंदोलनकारी के तौर पर उन्हें जिलाधिकारी की ओर से परिचय पत्र तो मिला, लेकिन जिला अस्पताल प्रबंधन उसे भी मान्य नहीं मानता। सरकारी विभागों सहित बैंकों में सुरक्षा गार्ड की नौकरी के लिए आवेदन के दौरान भी आंदोलनकारी का परिचय पत्र संलग्न करने के बाद भी किसी ने उनकी सुध नहीं ली। कुछ समय पहले 31 सौ रुपये पेंशन स्वीकृत की गई है, जो नियमित नहीं मिलती। सिंधवाल ने बताया कि परिवार के भरण-पोषण के लिए उन्होंने छोटा सा खोखा खोला है, जिसमें वे दिन में 10-12 लोगों के लिए भोजन बनाता हूं। इधर, राज्य आंदोलनकारी जिला समिति के अध्यक्ष जीत सिंह राणा का कहना है कि आंदोलनकारियों के आश्रितों को शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार में 10 फीसदी क्षितिज आरक्षण और 50 से कम उम्र के आंदोलनकारियों को विभागों में संविदा पर नौकरी की मांग की जा रही है। लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
इनका कहना है
राज्य आंदोलनकारी सुरेंद्र सिंधवाल के प्रकरण मेरे संज्ञान में हैं। इन्हें रोजगार क्यों नहीं मिला, इस बारे में पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। प्रशासनिक स्तर से जो भी संभव होगा, उनकी पूरी मदद की जाएगी। - मंगेश घिल्डियाल, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग
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राज्य आंदोलनकारियों को जारी परिचय पत्र के मानकों के तहत जो भी स्वास्थ्य सुविधाएं होंगी, वे उन्हें मिलेगी। इस संबंध में सीएमएस से भी चर्चा की जाएगी।- डा. ओपी आर्य, प्रभारी सीएमओ रुद्रप्रयाग
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