रुद्रप्रयाग। दस सूत्री मांगों को लेकर उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति बृहस्पतिवार को सामूहिक अवकाश पर जाने का निर्णय लिया है। कहा कि यदि मांगों का निराकरण नहीं किया जाता है तो कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
मुख्यालय में आयोजित समिति के मुख्य संयोजक मानवेंद्र सिंह बर्त्वाल, कुशलानंद भट्ट ने कहा कि एक ओर विधायकों और मंत्रियों के भत्तों में अंधाधुन बढ़ोतरी हो रही है जिसका किसी के पास कोई हिसाब नहीं है, वहीं कर्मचारियों के 16 भत्तों को एकाएक हटा दिया गया है। सरकार के इस आदेश से पूरा कर्मचारी वर्ग आहत है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री प्रकाश पंत से हुई वार्ता में कुछ मुद्दों पर सहमति हुई थी, जिसके बाद सरकार द्वारा कोई भी अग्रिम कार्यवाही नहीं की गई। संयोजक दलेव सिंह राणा, रेवत सिंह रावत ने कहा कि यदि सरकार द्वारा कर्मचारियों के हित में उचित कार्रवाई नहीं की जाती है तो कर्मचारी संघ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होगा। बताया कि बुधवार को सभी कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर जाएंगे। 4 फरवरी को प्रदेशभर के कर्मचारियों द्वारा महारैली का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने 16 प्रतिशत के अनुरूप अनुमन्य कर भत्तों में वृद्धि करने, एसीपी व्यवस्था के स्थान पर 10, 16 व 28 वर्ष की पूर्व व्यवस्था यथावत रखने, शिथिलता नियमावली 2002 को यथावत रखने, पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने समेत अन्य मांगों के निराकरण करने की मांग की है।