रुद्रप्रयाग। खांकरा में चित्रमति नदी पर पौने तीन करोड़ से निर्मित पहली कृत्रिम झील खानापूर्ति साबित हो रही है। झील को पर्यटन, एडवेंचर और मत्स्य पालन का प्रमुख केंद्र बनाने के जो दावे किए गए थे वे फलीभूत नहीं हो पाए हैं। एक वर्ष से यहां पानी का भराव भी नहीं हो रहा है।
ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर खांकरा में चित्रमति गदेरे पर नवंबर 2017 में जनपद की पहली कृत्रिम झील बनाई गई। 12 लाख पानी संग्रहण क्षमता वाली लगभग 100 मीटर लंबी, 50 मीटर चौड़ी व छह मीटर गहरी झील में पर्यटन विभाग की ओर से छोटी-छोटी नौकाओं के संचालन के साथ एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई थी। मत्स्य पालन के जरिए युवाओं को भी स्वरोजगार से जोड़ना था। झील के एक तरफ पर्यटकों के लिए बैठने के लिए बेंच व झूले और दूसरी तरफ पहाड़ी पर पेटिंग बनाई जानी थी। शुरुआती तीन माह तक झील में ढाई लाख लीटर पानी भी रोका गया, लेकिन मार्च 2018 में झील में एक किशोर के डूबने के बाद से प्रशासन ने झील को खाली करा दिया। इसके बाद झील को भरने का प्रयास नहीं किया गया। ग्राम प्रधान प्रदीप मलासी, पूर्व प्रधान एनपी ममगाईं, निखिल ममगाईं, बीबी ममगाईं आदि का कहना है कि एक वर्ष से चित्रमति नदी पर झील के नाम पर सिर्फ बहता पानी है। उधर जिला पर्यटन अधिकारी पीके गौतम ने बताया कि खांकरा झील की सुरक्षा के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। स्वीकृति के बाद ही कार्य शुरू हो पाएंगे।