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केदारनाथ धाम में 15 फीट बर्फ जमा, बढ़ी मुश्किलें

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रुद्रप्रयाग। केदारनाथ में 10 फीट तक नई बर्फ जम चुकी है, जबकि पांच फीट बर्फ पहले से थी। इससे वहां कुल 15 फीट जमा हो चुकी है। इस बर्फबारी ने धाम में पुनर्निर्माण कार्यों पर लंबा ब्रेक लगा दिया है। बीते वर्ष 12 दिसंबर से भारी बर्फ के कारण निर्माण कार्य बंद पड़े हुए हैं। इन हालातों में आगामी यात्रा तैयारियों और यात्रा से पूर्व लक्षित कार्यों को समयबद्ध पूरा करना प्रशासन व कार्यदायी संस्थाओं के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
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बीते सोमवार से बृहस्पतिवार तड़के तक केदारनाथ में लगातार बर्फबारी हुई है। यहां मंदिर परिसर से लेकर समूचे केदारनाथ ने बर्फ की मोटी चादर ओढ़ ली है। धाम का बीते वर्ष 12 दिसंबर से जिला मुख्यालय से संपर्क कटा हुआ है। वहीं, बीते एक पखवाड़े से प्रशासन, पुलिस और कार्यदायी संस्थाओं का एक भी व्यक्ति नहीं है। अब इस भारी बर्फबारी ने प्रशासन व कार्यदायी संस्थाओं की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग के बर्फ से लकदक होने से जहां धाम के लिए संचालित बिजली और संचार लाइनें फिर से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। वहीं, जिस तरह से बर्फ गिरी है, उससे आने वाले एक सप्ताह तक गौरीकुंड से धाम तक आवाजाही करना संभव भी नहीं है। गौरीकुंड के पूर्व प्रधान राकेश गोस्वामी ने बताया कि बर्फबारी से सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच ही आवाजाही मुश्किल से हो रही है। गौरीकुंड से केदारनाथ पैदल मार्ग पर चार से आठ फीट से अधिक बर्फ गिरी हुई है। इधर, केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य कर रही वुड स्टोन कंपनी के टीम लीडर मनोज सेमवाल ने बताया कि मौसम में सुधार होने पर जल्द ही चार सदस्यीय टीम केदारनाथ भेजी जाएगी, जो, पैदल मार्ग व धाम की स्थितियों का आकलन करेगी। उसी के आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। अगर अगले 10-15 दिन तक पुन: भारी बर्फबारी नहीं हुई तो तब फरवरी पहले सप्ताह बर्फ साफ कर पुनर्निर्माण कार्य शुरू हो सकते हैं।
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