अगस्त्यमुनि। भगवान साणेश्वर महाराज चतुर्थ चरण की दिवारा यात्रा में 35 से अधिक गांवों का भ्रमण कर अपने मूल मंदिर सिल्ला गांव पहुंच गए हैं। इस मौके पर ग्रामीणों ने आराध्य को सामूहिक अर्घ्य लगाया और पूजा-अर्चना की। आगामी मई माह में मंदिर में भव्य महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा।
बीते वर्ष 14 दिसंबर से चतुर्थ चरण की दिवारा यात्रा पर निकले भगवान साणेश्वर महाराज ने 40 दिनों में 35 से अधिक गांवों का भ्रमण किया। इस दौरान आराध्य ने भक्तों के घर-घर पर जाकर उनकी कुशलक्षेम पूछी और उनके दुखों का निवारण भी किया। यात्रा के दौरान महाराज बावई गांव में दस दिनों तक रहे। इसके अलावा उन्होंने सिल्ला, गदनू, धरियांज, किरोड़ा, मरोड़ा, मुन्नादेवल, चाका, फलाटी, अगस्त्यमुनि, सिल्ली, सौड़ी, गबनी, डोभा, रुमसी, भौंसाल, चौंड, भट्टगांव आदि गांवों का भी भ्रमण किया। दिवारा यात्रा समिति के अध्यक्ष वीरपाल सिंह रावत और पुजारी अरविंद पुरोहित ने बताया कि भगवान साणेश्वर महाराज यात्रा पूरी कर अपने मूल मंदिर में प्रवेश कर चुके हैं। आगामी मई माह में मंदिर में भव्य महायज्ञ के बाद आराध्य गर्भगृह में विराजमान होंगे। आयोजन की तैयारियों को लेकर जल्द समिति की बैठक होगी।