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परंपरागत संस्कृति को बचाना जरूरी : डीएम

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रुद्रप्रयाग। मुख्यालय क्षेत्रांतर्गत वार्ड-6 में आयोजित पांडव नृत्य में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर दर्शन कर रहे है। पांडव नृत्य में बाणों का नृत्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
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महादेव मोहल्ला स्थित पांडव चौक परिसर में चार दिसंबर से शुरू हुए पांडव नृत्य में रविवार को पहुंचे जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने कहा कि गढ़वाल अपने आप में इस प्रकार की कई परंपराओं को संजोए हुए है। कुछ परंपराएं धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही हैं। इसके संरक्षण के लिए सबको आगे आने जरूरत है। कहा कि उन्हें मुख्यालय में इस प्रकार के आयोजन देखकर खुशी हुई है। पांडव नृत्य में सबसे पहले पश्वाओं पर देवता अवतरित हुए। बाद मेृं एक-एक कर पांडवों ने नृत्य किया। जिन्होंने पांडव नृत्य देखने पहुचे श्रद्धालुओं को अपना आशीर्वाद दिया। अंत में सभी पांडवो ने अपने अस्त्र-शस्त्रों के साथ नृत्य किया। पांडव नृत्य एवं शिव समिति के अध्यक्ष महेश डियूंडी ने बताया कि 19 दिसंबर को गैंडा कौथिग, 20 को पांडव गंगा स्नान करेंगे। 21 में हाथी का स्यूरता तथा 22 दिसंबर को मोरी डाली के साथ पांडव नृत्य का समापन किया जाएगा। इस मौके पर एसपी पीएन मीणा, कुंवर सिंह पंवार, चक्रधर सेमवाल, विजय कप्रवाण, दौलत सिंह पंवार, चंद्रप्रकाश सेमवाल, दिनेश चंद्र सेमवाल, जितार सिंह, नरेंद्र सिंह बिष्ट, धर्म सिंह कप्रवाण, शैलेंद्र भारती, नरेंद्र प्रसाद, भारत सिंह समेत पांडव नृत्य देखने भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे।
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