उत्तराखंड में उपजे राजनीतिक संकट पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ भी नजर रखे हुए है। भाजपा समीक्षकों की रिपोर्ट से अलग हटकर संघ के ओहदेदार प्रदेश के राजनीतिक उतार-चढ़ाव और इसके प्रभाव को आंकने में लगे है।
यूपी और अन्य प्रदेशों में आने वाले चुनावों को ध्यान में रख कर भी इसका मूल्यांकन किया जा रहा है। बिहार में भाजपा की चुनावी हार के बाद संघ ने भाजपा की गतिविधियों पर अधिक ध्यान देना शुरू कर दिया है।
उत्तराखंड के अलावा यूपी में भाजपा का जीतना संघ के दृष्टिकोण से अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हरीश रावत सरकार की शुरुआत में भाजपा के अविश्वास प्रस्ताव के बाद संघ पार्टी की किसी रणनीति को फेल नहीं होने देना चाहता।