रुड़की स्थित गायत्री मंदिर में सीडीएस रावत व अन्य की आत्मा की शांति के लिए हवन करते श्रद्धालु।
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गायत्री शक्तिपीठ में सीडीएस स्व. बिपिन रावत एवं उनकी मधुलिका रावत समेत दुर्घटना में शहीद हुए सभी सैनिकों की आत्मा की शांति के लिए यज्ञ किया गया। दीपक भारद्वाज ने कहा कि सीडीएस बिपिन रावत का असमय चले जाना राष्ट्र के लिए अपूर्णीय क्षति है। भारत भूमि में वह संस्कार समाहित हैं कि समय-समय पर दिव्य आत्माएं जन्म लेती रहती हैं जो राष्ट्र धर्म के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर देती हैं। बिपिन रावत भी ऐसे ही दिव्य पुरुष थे। इस दौरान प्रदोष सिंघल, सतीश कुमार वैश्य, आदित्य शुक्ला, मुनीष चौहान, सहस पाल सिंह, अनिल आहूजा, अभिषेक सिंह, विनायक भारद्वाज, राजेश कुमार, रघुवीर सिंह आदि मौजूद थे।
वहीं महावीर एनक्लेव में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कालोनी वासी सुरेश सिंगल, कर्नल रविंद्र बंसल, अशोक गुप्ता, संजय शर्मा, श्याम शरण, वीके शर्मा, नीलम चौधरी, सुषमा बंसल, स्वाति पाल, अशोक पाल, आशुतोष पाल ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए। दूसरी ओर, दयानंद सरस्वती नंद विहार सुनहरा समिति के प्रधान हरपाल सैनी के नेतृत्व में हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। हवन यज्ञ में आर्य समाज की परंपरा के तहत मंत्रोच्चारण किया गया। इस दौरान महेंद्र काला, नवीन जैन, धीर सिंह, डॉ. ब्रजपाल धीमान, प्रवेश धीमान, सुधीर चौधरी, अनुज सैनी, सुखबीर आर्य, जवाहर लाल, सोमपाल, पप्पू कश्यप, राजीव आर्य आदि मौजूद थे।