भले ही प्रदूषण के बावजूद गंगा के जल का आचमन आस्था का विषय हो, लेकिन वैज्ञानिक दृष्टिकोण से पानी में टोटल कोलीफोर्म बैक्टीरिया की मात्रा से ही यह तय होता है कि पानी पीने लायक है या नहीं। करीब दो माह पूर्व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जो आंकड़े जारी किए गए हैं, उसके अनुसार हरिद्वार में गंगा का जल बी श्रेणी का है।
इसके मायने हैं कि गंगा का जल नहाने लायक है, लेकिन आचमन करने जितना शुद्ध नहीं है। हालांकि सी श्रेणी का जल न नहाने लायक होता है और न ही पीने लायक। अब देखना यह होगा कि कुंभ के दौरान हर रोज होने वाली जांच में गंगा के जल की श्रेणी क्या रहती है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से दिशा निर्देश जारी हो गए हैं। कुंभ के प्रारंभ होने पर हरिद्वार में गंगा के जल की गुणवत्ता की प्रतिदिन मॉनिटरिंग होगी। प्रतिदिन यह डाटा जारी किया जाएगा।
- एसपी सुबुद्धि, सदस्य सचिव, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मुख्यालय देहरादून