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एक्सक्लूसिव: यूपी के बदमाशों पर अब शिंकजा कसेगी उत्तराखंड की एसटीएफ, खोलेगी संपत्तियों का कच्चा चिट्ठा

Sun, 20 Dec 2020 12:25 PM IST
अलका त्यागी रुद्रेश कुमार, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • यूपी पुलिस से बचकर उत्तराखंड के कई शहरों में संपत्तियों में निवेश किया है बदमाशों ने 
  • रिश्तेदारों और परिचितों के नाम पर देहरादून में भी हैं कई बदमाशों की संपत्तियां
  • वेस्ट यूपी के बदमाशों की संपत्तियों को किया जाना है अटैच, एसटीएफ से मांगा सहयोग
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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उत्तराखंड एसटीएफ यूपी के बदमाशों की संपत्तियों का कच्चा चिट्ठा खोलने में जुट गई है। यूपी पुलिस ने एसटीएफ को कई बदमाशों का ब्योरा सौंपा है, जिन्होंने यहां बड़े पैमाने पर निवेश किया है। इन संपत्तियों को अटैच करने के लिए यूपी पुलिस ने उत्तराखंड एसटीएफ से सहयोग मांगा है। जल्द ही उत्तराखंड एसटीएफ इन बदमाशों को बिल से बाहर निकालेगी भी और संपत्तियों को अटैच करने में यूपी को मदद भी करेगी। 

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दरअसल, उत्तर प्रदेश में बदमाशों के सफाए का अभियान लंबे समय से चल रहा है। यूपी पुलिस इन कुख्यातों की संपत्तियों को अटैच करने में भी जुटी है। इस डर से कई बदमाशों ने उत्तराखंड के शहरों में पनाह ली है। उन्होंने यूपी पुलिस की इस मुहिम से खुद का बचाव करने के लिए यहां संपत्तियां भी खरीदी हैं। किसी ने फ्लैट लिए हैं तो कोई रिश्तेदारों के नाम पर मकान आदि बनाकर यहां परिवार को बसाए हुए है। 

इन्हीं सबकी आड़ में ये बदमाश उत्तराखंड में आते जाते रहते हैं। पिछले दिनों एसटीएफ मेरठ जोन ने उत्तराखंड एसटीएफ के एसएसपी को ऐसे दर्जनभर से ज्यादा बदमाशों की सूची सौंपी थी। यूपी में इन बदमाशों की संपत्तियों को अटैच किया जाना है।
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चूंकि, मुकदमे यूपी में ही दर्ज हैं तो अटैचमेंट की कार्रवाई भी यूपी पुलिस को ही करनी है। चूंकि, दर्जनों संपत्तियां वहां से बाहर होने के कारण इसमें उत्तराखंड एसटीएफ का सहयोग मांगा गया है। अब यहां एसटीएफ इन संपत्तियों का ब्योरा जुटाने में लग गई है। ताकि, इन बदमाशों को उत्तराखंड से भी सदा के लिए बाहर कर यूपी पुलिस की मदद की जा सके। 

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घटनाएं भी कर सकते हैं बदमाश 

भले ही फिलहाल किसी घटना में यूपी की गैंग का नाम नहीं आया है, लेकिन पुलिस को इस बात का पूरा अंदेशा है कि यदि उन्होंने यहां पैर पसारे तो वे किसी घटना को भी अंजाम दे सकते हैं। ऐसे में यूपी पुलिस का सहयोग करने के बहाने इन्हें बिलों से बाहर निकलाना भी एसटीएफ की प्राथमिकताओं में शामिल हो चुका है। बता दें कि बीते सालों में देहरादून में गैंगवार के मामले भी सामने आए हैं। 

यूपी एसटीएफ ने कई बदमाशों की जानकारी साझा की है। इनकी देहरादून और कई अन्य शहरों में संपत्तियां हैं। यूपी में बदमाशों की संपत्तियों के विरुद्ध अभियान में मदद की जा रही है। फोर्स को इन संपत्तियों के बारे में जानकारियां संकलित करने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि, समय पर सही एक्शन लिया जा सके। 
-अजय कुमार, एसएसपी एसटीएफ।
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