रुड़की। मतगणना के दौरान वोट गायब होने का आरोप लगाते हुए बहादरपुर सैनी और मोहम्मदपुर पांडा के प्रत्याशियों ने पुनर्मतगणना की मांग की। चंद वोटों से हार जीत का अंतर होने के बावजूद अफसरों ने दोबारा गिनती से हाथ खींच लिए। इस पर प्रत्याशियों के समर्थकों ने हंगामा किया। रिटर्निंग अफसर से लेकर प्रेक्षक तक से गुहार लगाने के बावजूद दोबारा गिनती की मांग पूरी नहीं हो सकी।
बहादरपुर सैनी ग्राम पंचायत सीट पर सिर्फ नरेंद्र सिंह और अनिल कुमार ही प्रत्याशी होने पर दोनों के बीच सीधा मुकाबला था। सीट पर कुल 980 वोटों की गिनती में 52 वोट खारिज हुए। बाकी वोटों में 461 अनिल कुमार और 467 नरेंद्र सिंह के पक्ष में आने पर छह वोट से नरेंद्र को विजयी घोषित कर दिया गया। मतगणना पूरी होने के बाद अनिल कुमार ने आरोप लगाया कि मतदान के दिन 990 वोट डाले गए थे। कुछ वोट गायब कर उन्हें छह वोट से हराया गया है। उन्होंने रिटर्निंग अफसर समेत ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मंगेश घिल्डियाल और चुनाव आयोग के प्रेक्षकों से भी दोबारा गिनती की गुहार लगाई।
कई घंटे की भागदौड़ के बावजूद मांग पूरी नहीं होने पर घर लौटना पड़ा। यही स्थिति मोहम्मदपुर पांडा ग्राम पंचायत सीट पर हुई। यहां कुल 1039 मतों में सुनीता को अधिकतम 404 और निकटतम प्रतिद्वंद्वी नोशीदा को 383 वोट मिले। वोट गायब होने का आरोप लगाते हुए समर्थकों ने दोबारा गिनती की मांग की। दोनों प्रत्याशियों के समर्थकों ने धांधली का आरोप लगाया, लेकिन अफसर दोबारा गिनती को तैयार नहीं हुए। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट का कहना था कि वोट गायब होने जैसी कोई बात नहीं है, गिनती ठीक की गई है।
जीते प्रत्याशियों ने जताया विरोध
पराजित प्रत्याशियों के दोबारा गिनती की मांग पर जीते हुए प्रत्याशियों ने विरोध शुरू कर दिया। इस पर पुलिस ने उन्हें बाहर निकालकर हंगामा शांत कराया। गंगनहर कोतवाली प्रभारी जवाहर लाल का कहना था कि सबको अपनी बात कहने का अधिकार है।