लोदीवाला गांव के ग्रामीणों ने राशन डीलर पर कई गंभीर आरोप लगाए हुए उसके खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि इस संकट की घड़ी में भी डीलर राशन की कालाबाजारी से बाज नहीं आ रहा है। ग्रामीणों से राशन के ज्यादा मूल्य वसूल रहा है। ग्रामीणों ने मामले की शिकायत डीएम और खाद्य पूर्ति अधिकारी से भी की है।
हिराहेड़ी ग्राम पंचायत के लोदीवाला के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को भेजे शिकायत पत्र में कहा कि राशन डीलर उन्हें मानकों के अनुरूप राशन नहीं दे रहा है। ग्रामीणों से राशन के ज्यादा दाम भी वसूले जा रहे हैं। सामग्री वितरण के दौरान जिस रजिस्टर में उनके हस्ताक्षर कराए जाते हैं, उसमें राशन का मूल्य बाद में डाला जाता है। बताया कि उन्होंने 18 अप्रैल को एसडीएम से डीलर की शिकायत की थी। इस पर हल्का लेखपाल उनके गांव में आए थे। आरोप है कि वह भी एक ग्रामीण की बात सुनकर चले गए। जबकि अन्य ग्रामीणों का पक्ष नहीं लिया गया, जिससे ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों ने राशन डीलर की जांच कराकर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिकायती पत्र में सीमा, सुनेहरी, पूजा, मोनू, विजयपाल, सुमन, अमर सिंह, अतर सिंह, मांगेराम, धर्मेंद्र, दिनेश, राहुल, सतीश, विनोद, राजवीर आदि के हस्ताक्षर हैं। उधर, राशन डीलर मैनपाल का कहना है कि उनपर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। वह हर जांच के लिए तैयार है। ग्राम प्रधान पति सुमित चौधरी का कहना है कि ग्रामीण शिकायत लेकर उनके पास भी आये थे। ग्रामीणों की समस्या का समाधान होना चाहिए।
निशुल्क चावल आवंटन की व्यवस्था परखी
रुड़की। जिला पूर्ति अधिकारी ने केंद्र सरकार की ओर से आवंटित निशुल्क चावल वितरण की व्यवस्थाएं देखी। उन्होंने पूर्ति निरीक्षकों के साथ सरकारी राशन की दुकानों पर जाकर स्टॉक और अन्य रजिस्टर चेक किए, जो सही मिले। जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने बताया कि क्षेत्र की सभी दुकानों में निशुल्क चावल वितरण किया जा रहा है। यह चावल अंत्योदय और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के कार्ड धारकों को दिया जा रहा है। सभी कार्डों पर प्रति यूनिट पांच किलो चावल वितरण किया रहा है। जबकि राज्य खाद्य योजना (पीले राशन कार्ड) पर निशुल्क राशन अभी नहीं दिया जा रहा है। रेलवे स्टेशन स्थित सरकारी राशन डीलर किशन लाल और सिविल लाइंस स्थित सरकारी राशन डीलर संजय की दुकान की आकस्मिक जांच की गई, जहां सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए राशन वितरण किया जा रहा था। इस दौरान स्टॉक रजिस्टर सही मिले।