खानपुर। शुक्रवार को ग्रामीणों ने गंगा नदी के बालावाली घाट पर अवैध खनन करते खनन माफिया को घेर लिया और सूचना देकर पुलिस प्रशासन को मौके पर बुला लिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि माफिया पट्टे की आड़ में कृषि भूमि से अवैध खनन कर रहे हैं। लेकिन पुलिस प्रशासन ने खनन से लदे वाहन चालकों पर रायल्टी के कागज होने की बात कहते हुए कार्रवाई से इंकार कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने हंगामा किया तो पुलिस ने नौ ट्रैक्टर ट्रालियों का ओवरलोड में चालान काटकर वाहनों को छोड़ दिया।
खानपुर क्षेत्र के बालावाली गांव के पास से गंगा नदी होकर बहती है। प्रशासन ने गंगा नदी में खनन का पट्टा आवंटित है। खनन पट्टे की आड़ में खनन माफिया लगातार कृषि भूमि से अवैध खनन कर रहे है। शुक्रवार को क्षेत्रीय ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर खनन माफिया को घेर लिया और हंगामा किया। ग्रामीणों का कहना था कि खनन माफिया खनन पट्टे की आड़ में लगातार अवैध खनन कर रहा है। उनका कहना था कि अवैध खनन के बारे में पुलिस प्रशासन को कई बार लिखित और मौखिक शिकायत की जा चुकी है। लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन को फोन कर मौके पर बुला लिया। लेकिन जब तक पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा तब तक खनन माफिया अवैध खनन से लदे वाहनों को सड़क पर ले आए। ग्रामीणों ने खनन माफिया के वाहनों को घेर लिया। सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार विजयपाल राणा टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं खानपुर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। ग्रामीण खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। लेकिन पुलिस प्रशासन ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि खनन से लदे वाहनों के पास रायल्टी है। इस पर हम कार्रवाई नहीं कर सकते। ग्रामीणों ने खनन से लदे वाहनों का ओवरलोड का आरोप लगाया। जिस पर पुलिस प्रशासन ने नौ ट्रैक्टर ट्रालियों का ओवरलोड मे पांच-पाच सौ रुपये के चालान काटे। हंगामा करने वालों में सुशील चौधरी, अरुण पंवार, लव सैनी, सुमित, कुशल आदि शामिल रहे।