विजिलेंस की टीम ने हरिद्वार तहसील में कार्यरत एक लेखपाल को चार हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। विजिलेंस की टीम लेखपाल को घर के पास से पकड़कर देहरादून ले गई। लेखपाल के खिलाफ थाना सतर्कता सेक्टर देहरादून में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसपी विजिलेंस धीरेंद्र सिंह गुंज्याल ने बताया कि सोमवार को हेल्प लाइन नंबर पर किसी ने शिकायत दी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे ऊर्जा निगम में ठेकेदारी के लिए हैसियत प्रमाण पत्र की जरूरत थी। इसके लिए हरिद्वार तहसील में ऑनलाइन आवेदन किया था। आवेदन पर लेखपाल नरेश कुमार सैनी को रिपोर्ट लगानी थी। रिपोर्ट लगाने की एवज में लेखपाल ने चार हजार रुपये की रिश्वत मांगी है। शिकायत की जांच कराई गई तो सही पाई गई। प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए। इसके बाद लेखपाल को रंगेहाथ पकड़ने के लिए ट्रैप टीम गठित की गई। मंगलवार सुबह टीम ने लेखपाल को सैनीपुरम कालोनी, शेरपुर, हरिद्वार रोड रुड़की से चार हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने बताया कि लेखपाल को टीम अपने साथ देहरादून ले गई। साथ ही टीम ने लेखपाल के घर को भी खंगाला है। उन्होंने बताया कि थाना सतर्कता सेक्टर देहरादून में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि अगर किसी से कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत की मांग कर रहा है तो वह उसकी शिकायत यूके 1064 पर मौखिक और लिखित शिकायत कर सकता है।