फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सैंपल नहीं लेने पर मरीजों का हंगामा

विज्ञापन
रुड़की सिविल अस्पताल स्थित पैथोलॉजी लैब में जांच करवाने आए मरीज। - फोटो : ROORKEE
विज्ञापन
सिविल अस्पताल के पैथोलॉजी काउंटर को बंद करने पर लाइन में लगे मरीज भड़क गए। उन्होंने सैंपल लिए जाने की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि निर्धारित समय पर काउंटर बंद किया गया है तो मरीज एकत्रित होकर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के पास पहुंच गए। उनके निर्देश के बाद जरूरी जांच वाले कुछ मरीजों के सैंपल लिए गए।
विज्ञापन

सिविल अस्पताल में कुछ दिन से मरीजों की संख्या बढ़ गई है। प्रतिदिन ओपीडी में 400 के करीब मरीज पहुंच रहे हैं। शनिवार को भी पर्चा बनवाने के लिए लंबी लाइन लगी रही। वहीं, ओपीडी में डॉक्टरों ने कुछ मरीजों को खून और यूरिन की जांच कराने की सलाह दी। इस पर मरीजों ने पहले लंबी लाइन में लगकर जांच के लिए पैसे जमा कर रसीद बनवाई। इसके बाद सैंपल देने के लिए लैब के बाहर लंबी लाइन में खड़े हो गए। अस्पताल में आए दिन एक बजे सैंपल लेने का काम बंद हो जाता है। इस समय तक सभी मरीजों के सैंपल ले लिए जाते हैं, लेकिन शनिवार को मरीजों की संख्या ज्यादा होने के कारण लाइन में लगे सभी लोगों का नंबर नहीं आया। समय होने पर कर्मचारियों ने लैब बंद कर दी और अन्य मरीजों को अगले दिन आने की बात कही। इस पर लाइन में लगे मरीजों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया।
उनका कहना था कि सुबह से लाइन में लगकर थक चुके हैं। अब कर्मचारी अगले दिन आने की बात कह रहे हैं। मंगलौर से पहुंचीं फातिमा, शबनम, रामपुर से आए अखलाक, आदर्श नगर से आए आदित्य राज व संजय गुप्ता ने कहा कि इलाज शुरू करने से पहले डॉक्टर ने जांच कराई है। वे काफी देर से लाइन में लगे हैं, अब उपचार कैसे होगा। अगले दिन आकर टेस्ट कराएंगे तो फिर तीसरे दिन आकर डॉक्टरों को दिखाना होगा। ऐसे में मरीज की हालत सुधरने के बजाय बिगड़ जाएगी। इसके बाद मरीज और उनके परिजन सीएमएस के पास पहुंचे। सीएमएस डॉ. संजय कंसल ने बताया कि एक बजे काउंटर बंद करने का समय है। सैंपल लेने के बाद उनकी जांच भी करनी होती है। अस्पताल में फिलहाल स्टाफ कम है। हालांकि, उन्होंने लैब के स्टाफ को फोन कर गंभीर बीमारी वाले मरीजों के सैंपल लेने के लिए कहा। तब जाकर मामला शांत हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें