बीती सोमवार की रात करीब 12 बजे सिविल अस्पताल पहुंचे कुछ लोगों ने मेडिकल करवाने को लेकर इमरजेंसी वार्ड में हंगामा कर दिया। हंगामा करने वाले लोग डॉक्टर पर मेडिकल प्रमाणपत्र को ज्यादा प्रभावशाली बनाने के लिए दबाव बना रहे थे। हंगामा बढ़ने पर डॉक्टर ने पुलिस को फोन कर मामले की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया।
दो दिन पहले मंगलौर क्षेत्र के कुमराड़ी गांव में दो पक्षों में किसी बात को लेकर मारपीट हो गई थी। मारपीट में दोनों पक्ष के लोगों को चोटें आई थीं। सोमवार रात करीब 12 बजे इसी मामले में एक पक्ष के लोग सिविल अस्पताल पहुंचे। यहां पहुंचकर उन्होंने इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर से मेडिकल करवाने की मांग की। इस पर वहां तैनात डॉक्टर मेडिकल बनाने लगे तो मेडिकल करवाने वाले लोग अपने हिसाब से चोट का एक्सरा और सीटी स्कैन आदि करवाने की मांग करने लगे। डॉक्टर के अनुसार पीड़ितों को इतनी चोटें नहीं लगी थीं कि उनका सीटी स्कैन या एक्सरा करवाया जाए। इस बात पर गांव के लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि अस्पताल में दूसरे पक्ष के लोगों का उनके कहे अनुसार मेडिकल किया गया है और उसका प्रमाणपत्र बनाया गया है, जबकि उन्हें ज्यादा चोटें आई हैं। इसके बावजूद उनका सही तरीके से मेडिकल नहीं कराया जा रहा है। इस बात पर गांव के लोगों ने अस्पताल में हंगामा करना शुरू कर दिया। आरोप है कि उन्होंने वहां तैनात डॉक्टर के साथ अभद्रता भी की। हंगामा बढ़ता देख इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर ने तुरंत मामलेे की जानकारी गंगनहर कोतवाली पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत किया। मामले में डॉक्टर गोपाल का कहना है कि लोगों ने स्टाफ के साथ अभद्रता की है, जबकि वे नियमानुसार काम कर रहे थे। वह मामले में हंगामा करने वालों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दे रहे हैं।