अस्पताल में प्रसूता की मौत के बाद पुलिस को शव का पोस्टमार्टम के लिए भिजवाने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। परिजनों ने कई बार शव लेकर जा रही एंबुलेंस के सामने लेटकर रास्ता रोका। बाद में पुलिस ने पीछे के रास्ते से एंबुलेंस को रुड़की के सरकारी अस्पताल भिजवाया। वहीं, पुलिस ने एक महिला और एक पुरुष चिकित्सक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। लक्सर क्षेत्र के गांव डौसनी निवासी भारत ने पत्नी पिंकी को शनिवार को प्रसव के लिए लक्सर के गोवर्धनपुर रोड स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां से उसे कनखल स्थित संजीवनी अस्पताल रेफर कर दिया गया था। वहां पर रात में पिंकी ने बेटे को जन्म दिया था। इसके बाद डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल के डॉक्टरों कहने पर परिजन दोनों को लक्सर अस्पताल ले आए थे।
रविवार शाम को अस्पताल में पिंकी की मौत हो गई थी। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल पर हंगामा करते हुए जमकर पथराव कर दिया था। साथ ही डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया था। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत करने का प्रयास किया, लेकिन देर रात तक हंगामा जारी रहा। रात में ही पुलिस ने शव लेकर अस्पताल के बाहर खड़ी एंबुलेंस को किसी तरह वहां से हटाकर लक्सर सीएचसी भेजा था। सोमवार की सुबह पुलिस सीएचसी से महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए रुड़की ले जा रही थी। जैसे ही एंबुलेंस मीर भोज की मूर्ति के पास पहुंची तो परिजन बालावाली तिराहे पर पहुंच गए और एंबुलेंस के आगे सड़क पर लेट गए। पुलिस ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया। इस बीच पुलिस और परिजनों में तीखी नोकझोंक भी हुई। बाद में पुलिस ने एंबुलेंस को सीमली, भुरनी, कुंआखेड़ा के संपर्क मार्ग से होते हुए रुड़की सिविल अस्पताल भेजा।
कोतवाली प्रभारी यशपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि तहरीर के आधार पर डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल की डॉ. पूजा उपाध्याय और डॉ. ईश्वर पाल सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।