फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिक्षा और विद्या का समन्वय होना जरूरी : कौशल्या

विज्ञापन
विज्ञापन
आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर के 27वें स्थापना दिवस पर वक्ताओं ने विद्यालय की प्रगति पर प्रकाश डाला। साथ ही इसे निरंतर आगे बढ़ाने और शिक्षा के साथ अन्य गतिविधियों को भी शामिल करने की बात कही।
विज्ञापन

रविवार को आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर में विद्यालय का 27वां स्थापना दिवस मनाया गया। समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर दीप जलाकर किया गया। विद्यालय प्रधानाचार्य अमरदीप सिंह ने बताया कि विद्यालय का स्थापना दिवस प्रतिवर्ष विद्यालय अध्यक्ष, देश के प्रतिष्ठित एवं प्रसिद्ध वैज्ञानिक पद्मश्री डॉ. आनंद स्वरूप आर्य एवं उनकी धर्मपत्नी कौशल्या देवी आर्या की वैवाहिक वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य अशोक बेरी ने कहा कि आज के छात्र-छात्राओं में विनम्र स्वभाव, समर्पण, चरित्र और नैतिक आचरण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। विद्या भारती के निर्देशन में संचालित सरस्वती विद्या मंदिर में छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए पंचपदीय शिक्षा प्रणाली की ओर से उत्कृष्ट छात्रों का निर्माण किया जा रहा है। कौशल्या देवी आर्या ने विद्यालय के होनहार छात्र-छात्राओं को विभिन्न शैक्षणिक, बौद्धिक एवं खेलकूद क्रिया-कलापों में उत्कृष्ट प्रदर्शन और परिणामों के लिए शुभकामनाएं दीं। विद्यालय उपाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद कुलश्रेष्ठ ने कहा कि विद्या भारती से संबद्ध अपना विद्यालय छात्र-छात्राओं को संस्कारवान शिक्षा प्रदान कर रहा है। प्रबंधक डॉ. रजत अग्रवाल ने कहा कि आज के नौनिहालों में शिक्षा के साथ-साथ आत्मविश्वास पैदा किए जाने की अत्यंत आवश्यकता है। यज्ञ और कार्यक्रम संचालन संस्कृताचार्य विवेक पांडे और योगेश कुमार ने संपन्न कराया। इस मौके पर अरुण आर्य, अतुल मित्तल, चन्द्रशेखर, मिथलेश, संदीप शुक्ला, राजेश कंसल, प्रमोद गोयल, अनुज त्यागी, नीलम शर्मा, जसवीर सिंह पुंडीर आदि मौजूद थे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें