सरकार और स्वास्थ्य विभाग संस्थागत प्रसव के लिए महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रयासरत है लेकिन अब भी घरों में प्रसव हो रहे हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए घरों में प्रसव कराने वाली दाइयों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विभाग घरों में प्रसव कराने वाली महिलाओं के विरुद्ध पुलिस में शिकायत दर्ज करा रहा है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने लक्सर क्षेत्र में 13 महिलाओं के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है।
लक्सर सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सैयद रफी अहमद ने बताया कि दाइयों के घर में ही प्रसव कराने से गर्भवती महिला और बच्चे दोनों की जान को खतरा हो सकता है। सरकार गर्भवती महिलाओं को निशुल्क जांच, टीकाकरण और प्रसव के साथ प्रोत्साहन राशि भी दे रही है लेकिन इसके बाद भी घरों में प्रसव के कुछ मामले सामने आए हैं। उच्चाधिकारियों ने इस पर प्रसव कराने वाली महिलाओं के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
आदेश पर विभाग ने लक्सर क्षेत्र में ऐसी 13 महिलाओं को चिह्नित किया है। बुधवार को चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रफी कार्यक्रम अधिकारी आशीष कुमार के साथ कोतवाली पहुंचे और मुंडाखेड़ा, खेड़ी कलां, प्रतापपुर, सुल्तानपुर, भोगपुर, मुंडाखेड़ा खुर्द, खडंजा कुतुबपुर, ऐथल, जैतपुर आदि गांवों में प्रसव कराने वाली 13 महिलाओं के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी। चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि यदि किसी अन्य महिला के खिलाफ इस प्रकार की शिकायत विभाग को मिलती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।