रुड़की। राखी का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में राखी खरीदने वालों की भीड़ जुट रही है। वहीं बच्चे भी अपने लिए डोरेमोन, कृष्णा, छोटा भीम वाली राखी खरीदवा रहे हैं।
सिविल लाइंस स्थित व्यापारी नीशू अग्रवाल ने बताया कि इस बार बाजार में 20 से अधिक वैरायटी की राखियां उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि राखी दो रुपये से 300 रुपये तक उपलब्ध है। इस बार बहनें स्पार्कल वाली राखियां ज्यादा खरीद रहीं हैं, जबकि छोटे बच्चों की पहली पसंद डोरेमोन, छोटा भीम, स्पाइडरमैन, घड़ी वाली राखी, तितली व बेलटेन वाली राखियां हैं। कुछ लोग तुलसी और रुद्राक्ष जड़ित राखियां ले रहे हैं। वहीं दुर्गा, कान्हा कृष्णा वाली राखियां भी उपलब्ध हैं। बाजार में राखी खरीदने वालों की भीड़ लग रही है। लोगों को उनकी मनपसंद की राखियां उपलब्ध कराई जा रही हैं।
बाजार से फ्लैग और टैग की दुकानें गायब
इस बार रक्षाबंधन के 15 अगस्त के दिन आने के कारण बाजारों में लगने से फ्लैग व टैग के काउंटर गायब से हो गए हैं। जो स्वतंत्रता दिवस को लेकर झंडे बिल्ले के काउंटर लगाते थे। उन्होंने राखी के काउंटर लगा रखे हैं। ऐसे में बाजार में गिनी चुनी दुकानों में ही झंडे व टैग मिल रहे हैं।
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चाइनीज का क्रेज कम, ब्रांडेड राखियां बनीं पसंद
पांच रुपये से लेकर पांच सौ रुपये तक में बिक रहीं राखियां
लक्सर। भाई-बहन के अटूट प्यार का पर्व रक्षा बंधन जैसे-जैसे नजदीक आता जा रहा है। वैसे-वैसे नगर के बाजारों में राखियों की दुकानें सजनी शुरू हो गई हैं। कस्बे के बाजारों में इंडियन राखियों के साथ कुछ चाइनीज राखियां भी बेची जा रही हैं, लेकिन महिलाएं चाइनीज राखियों से दूरी बनाए हुए हैं। ग्राहक सस्ती राखियों की अपेक्षा ब्रांडेड कंपनियों की राखियां ज्यादा पसंद कर रहे हैं। दुकानों पर पांच रुपये से लेकर पांच सौ रुपये प्रति पीस की राखियां बिक रही हैं।
कस्बे के बाजार में राखियों की दुकानों पर एक से बढ़कर एक आकर्षक राखियां सजी हैं। सड़क पटरियों पर सजी दुकानों पर इंडियन राखियों की बहार है। वहीं आभूषण की दुकानों पर चांदी की राखी बिकने के लिए सजा दी गई हैं। अपने भाई को बाहर राखी भेजने के लिए बहनें राखियों की खरीदारी कर रही हैं। राखियों की दुकानों पर पहुंच कर बहनें अपने अपने बजट के अनुसार राखियों की खरीदारी करने में जुट गई हैं। दुकानों पर फोम की राखी सहित जरी, मोती, रूद्राक्ष व नग सहित कई अन्य किस्मों की राखियां छाई हुई हैं। हालांकि इस बार रक्षाबंधन के पर्व पर बाजारों में चाइनीज राखियां उतनी नहीं दिखाई दे रही हैं, जितनी पिछले वर्ष दिखाई दे रही थीं। कस्बे के एक राखी बेचने वाले दुकानदार पप्पू कुमार ने बताया कि रक्षा बंधन पर्व को देखते हुए दुकानों पर फुटकर विक्रेताओं सहित बहनों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। लोग अपने बजट अनुसार राखियों की खरीदारी कर रहे हैं। अगले कई दिनों में बाजार में राखी की जमकर खरीदारी होगी। इसी प्रकार एक अन्य राखी बेचने वाले दुकानदार अशोक कुमार ने बताया कि इस बार महिलाएं राखियों की खूब खरीदारी कर रही हैं। वे फैंसी राखियां ज्यादा पसंद कर रही हैं।