रुड़की। लाइनमैन से अवैध संबंध होने पर महिला के प्रेमी ने गोली मारकर उसकी हत्या की थी। पुलिस ने आरोपी एरिया मैनेजर को गिरफ्तार कर लाइनमैन हत्याकांड का खुलासा कर दिया। साथ ही उसके पास से हत्या में प्रयुक्त बाइक, एक तमंचा और एक कारतूस भी बरामद किया है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
शनिवार को एसएसपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने सिविल लाइंस कोतवाली में प्रेसवार्ता कर बताया कि 11 अगस्त की रात लाइनमैन बालेश निवासी गांव लव्वा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि लाइनमैन के एक शादीशुदा महिला से अवैध संबंध थे। पति से अलग होकर वह दो बच्चों के साथ सिसौना गांव में रहती है। पुलिस ने उसके मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली तो बालेश और रविंद्र से बातचीत की जानकारी मिली। शक के आधार पर पुलिस ने रविंद्र कुमार निवासी तितरो रोड गंगोह जिला सहारनपुर को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की। उसने लाइनमैन की हत्या की बात स्वीकारी। साथ ही बताया कि वह वर्ष 2014 में मानेसर (हरियाणा) से भगवानपुर आया था और एक कंपनी में एरिया मैनेजर के पद पर नौकरी करने लगा था। भगवानपुर में बीएसएनएल कार्यालय के पास उसने किराये पर कमरा लिया था। वहां ट्रैक्टर मिस्त्री पवन से दोस्ती हुई थी।
पवन ने महिला से उसकी मुलाकात करवाई थी। इसके बाद दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई। इस बीच महिला ने रविंद्र को बताया था कि वह बालेश और एक अन्य युवक के भी संपर्क में थी। कुछ महीनों तक दोनों के रिश्ते सही रहे, लेकिन इसके बाद महिला और रविंद्र में झगड़ा होने लगा। इस बीच रविंद्र को पता चला कि उसका बालेश से दोबारा संपर्क हो गया है। इसके चलते उसने बालेश को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और 11 अगस्त को अपने दोस्त से बाइक मांगी और रात में लव्वा गांव के पास बालेश का इंतजार करने लगा। जैसे ही बालेश पहुंचा तो उसने तमंचे से फायर कर दिया, लेकिन पहला फायर मिस हो गया। दूसरा फायर किया तो बालेश जमीन पर गिर गया। इसके बाद वह बाइक लेकर फरार हो गया था। एसएसपी ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। इस दौरान एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल, सीओ विवेक कुमार मौजूद रहे।
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पुलिस टीम में ये रहे शामिल
एसओ पीडी भट्ट, एसआई पुष्पेंद्र सिंह, सत्येंद्र सिंह नेगी, मनोज ममर्गाइं समेत सिपाही विनोद कुंडलिया, गीतम, सचिन, सुधीर, लाल सिंह, संजय रावत, विनय थपलियाल और सीआईयू प्रभारी जहांगीर अली प्रभारी, अशोक कुमार, महिपाल। वहीं, एसएसपी ने टीम के लिए ढाई हजार रुपये नकद इनाम की घोषणा की है।
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ब्लाइंड केस खोलने पर एसओ की पीठ थपथपाई
लाइनमैन हत्याकांड में पुलिस पिछले एक महीने से काम कर रही थी, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लग रहा था। पर, एसओ पीडी भट्ट ने हार नहीं मानी और वह ब्लाइंड केस पर लगातार काम करते रहे। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और जांच में आरोपी रविंद्र की कड़ी मिल गई। उन्होंने कड़ी से कड़ी मिलाई तो केस पूरी तरह खुल गया। ब्लाइंड हत्याकांड का खुलासा करने पर एसएसपी ने एसओ की प्रशंसा करते हुए बधाई दी।
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सरिता को नहीं लगने दी भनक
आरोपी रविंद्र ने बालेश की हत्या करने की योजना की किसी को भनक नहीं लगने दी। यहां तक की सरिता को भी अहसास नहीं होने दिया कि वह बालेश की हत्या करने की योजना बना रहा है। उसके राज का पर्दाफाश हुआ तो दोस्त और सरिता भी हैरत में पड़ गए। वहीं, पुलिस ने सरिता से भी मामले में पूछताछ की थी, लेकिन उससे कुछ सुराग नहीं मिला था।