दोनों राज्यों की संयुक्त टीम ने यूपी की सीमा से सटी विवादित भूमि की पैमाइश की। अब रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। बता दें कि यहां हजारों बीघा जमीन के स्वामित्व को लेकर कई बार यूपी और उत्तराखंड के लोगों के बीच संघर्ष हो चुका है।
खानपुर क्षेत्र के बादशाहपुर और बिजनौर के हिम्मतपुर बेला व रामसहायवाला गांव की सीमा सटी हुई है। लगभग डेढ़ हजार बीघा भूमि को लेकर दोनों राज्यों के किसानों के बीच विवाद चला आ रहा है। दोनों तहसील के अधिकारी इसे सरकारी भूमि बता रहे हैं जबकि स्थानीय किसान जमीन पर अपना दावा कर रहे हैं।
कई माह पूर्व जिलाधिकारी हरिद्वार और बिजनौर के जिलाधिकारी के बीच हुई वार्ता में संयुक्त पैमाइश कर मामले का हल निकालने की बात कही गई थी। इसके बाद हरिद्वार की लक्सर तहसील और बिजनौर जनपद की नजीबाबाद तहसील की टीमें यहां संयुक्त पैमाइश के लिए पहुंची थी। उस वक्त पुराने नक्शे नहीं होने के कारण पैमाइश नहीं हो सकी थी। इसके बाद दोनों राज्यों के अधिकारियों के निर्देश पर बालावाली पुलिस चौकी में दोनों तहसील के अधिकारियों की बैठक हुई थी।
बैठक में नक्शों का मिलान किया गया था। इसके बाद दोनों ओर के अधिकारियों की ओर से मौके पर संयुक्त पैमाइश कराने की बात कही गई थी। पहले नक्शों का मिलान नहीं होने और इसके बाद विधानसभा चुनाव संबंधी कार्यों के चलते पैमाइश नहीं हो सकी थी। शनिवार को दोनों राज्यों की टीम मौके पर पहुंच गई और दोनों टीमों ने मौके पर जांच की। लक्सर एसडीएम गोपाल राम बिनवाल ने बताया कि दोनों प्रदेशों के दोनों जिलों की वन विभाग और राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।