रुड़की लाल कुर्ती स्थित श्री मारवाड़ कन्या पाठशाला इंटर कालेज में आयोजित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ?
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श्री मारवाड़ कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज में आयोजित हीमोग्लोबिनोपैथी/एबीडी स्कूल स्क्रीनिंग कार्यक्रम के तहत आए अतिथियों ने छात्राओं को खून में हीमोग्लोबिन के महत्व को समझाया। साथ ही कम होने पर हीमोग्लोबिन बढ़ाने के तरीकों से भी छात्राओं को अवगत कराया।
बृहस्पतिवार को श्री मारवाड़ कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत हीमोग्लोबिनोपैथी/एबीडी स्कूल स्क्रीनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें सिविल अस्पताल से फील्ड ऑफिसर संजय चौहान, यशपाल सिंह और सहायक फील्ड ऑफिसर अंकित कुमार पहुंचे। उन्होंने स्कूल की कक्षा 11 और 12 की छात्राओं को शरीर में हीमोग्लोबिन के होने का महत्व बताया। फील्ड ऑफिसर संजय चौहान ने बताया कि खून में हीमोग्लोबिन एक तरह से ब्रेकर का काम करता है। चोट लगने पर बहने वाले खून को हीमोग्लोबिन ही रोकता है। यदि खून में हीमोग्लोबिन की कमी आ जाए तो खून नहीं रुकेगा। वहीं यदि हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ जाए तो खून जमने का खतरा रहता है। खून में हीमोग्लोबिन एक निश्चित मात्रा में रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि अक्सर छात्राओं में हीमोग्लोबिन बहुत कम पाया जाता है। इसके लिए छात्राओं को हरी सब्जियां, गुड़, चुकंदर, गाजर आदि खाना चाहिए। विद्यालय प्रधानाचार्या भारती अग्रवाल ने बताया कि टीम ने जो जानकारी छात्राओं को दी है, वह उनके लिए बहुत ही लाभकारी सिद्ध होगी। इस मौके पर प्रवक्ता अनु शर्मा, बबीता त्यागी आदि मौजूद रहे।