ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंशुल सिंह ने शनिवार सुबह नगर निगम पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान निगम परिसर में स्थित अन्य विभागों के कार्यालयों में सात अधिकारी और कर्मचारी गैरहाजिर मिले। जानकारी लेने पर बताया गया कि वे फील्ड में हैं। इस पर जेएम ने संबंधित से फील्ड से फोटो मंगाए। साथ ही पार्किंग में खड़े वाहनों को सुव्यवस्थित ढंग से खड़ा करने के निर्देश दिए।
पिछले दिनों मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के देहरादून स्थित आरटीओ कार्यालय में औचक छापे के बाद प्रशासनिक अधिकारी भी अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय हो गए हैं। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने एक दिन पहले तहसील में औचक छापा मारा था। इसमें कई अधिकारी और कर्मचारी नदारद मिले थे। शनिवार सुबह दस बजकर 10 मिनट पर उन्होंने नगर निगम में औचक निरीक्षण किया। यहां नगर निगम, ऊर्जा निगम, जल संस्थान के पेयजल और सीवरेज इकाई के दफ्तर हैं। 100 से अधिक कर्मचारी यहां काम करते हैं।
उन्होंने सबसे पहले विद्युत नगर के एसडीओ के कार्यालय का निरीक्षण किया। वहां कार्यालय का दरवाजा बंद था। उन्होंने पता किया तो जानकारी मिली कि एसडीओ छह नंबर बिजलीघर पर हैं। इसके बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने पेयजल निगम के दफ्तर का निरीक्षण किया। इस दौरान सीवर विभाग के जेई और दो वरिष्ठ सहायक गैर हाजिर मिले। इसी बीच उन्होंने देखा कि कई कर्मचारी घूम रहे हैं तो उन्होंने पूछताछ की। कर्मचारियों ने बताया कि वह एक कंपनी के माध्यम से नगर निगम में सेवाएं दे रहे हैं लेकिन वह कंपनी का नाम नहीं बता पाए। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंशुल सिंह ने बताया कि नगर निगम के अधिकारी नदारद थे। इसके अलावा दो आउट सोर्स कर्मचारी भी मौके पर मौजूद नहीं थे। इसके बाद उन्होंने पार्किंग को लेकर निर्देश दिए कि वाहनों को उचित प्रकार से खड़ा किया जाए। ठीक दस बजे सभी काउंटर पर कर्मचारी होने चाहिए ताकि नागरिकों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि सरकारी कार्यालयों का औचक निरीक्षक लगातार जारी रहेगा। निरीक्षण रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।