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46 गांवों ने झेली 12 घंटे की बिजली कटौती

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रुड़की क्षेत्र के आंधी व तूफान के चलते बिजली के तारों पर गिरा पेड़। - फोटो : ROORKEE
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बीती रात आई तेज आंधी से शहर के साथ ही देहात तक लोगों को नौ से 13 घंटे की बिजली कटौती झेलनी पड़ी। इस तूफान से कहीं लाइन पर पेड़ गिरने से तो कहीं तार आपस में टकराने से बिजली गुल हो गई। कुछ इलाकों में बिजली के खंभे ही टूटकर गिर गए। बिजली की सप्लाई नहीं होने से लोगों को रातभर गर्मी का सामना करना पड़ा। वहीं सुबह तक बिजली सुचारु नहीं होने से लोगों के घरों में पानी की सप्लाई भी नहीं हो पाई।
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रविवार को दिनभर मौसम साफ रहने के बाद रात करीब दो बजे आसमान में बादल छा गए। इसके बाद तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। इसके कुछ ही देर बाद भारी बारिश के साथ तेज तूफान भी शुरू हो गया। तूफान से कई जगह पूरे पेड़ जमीन से उखड़कर बिजली की लाइनों पर जा गिरे। कुछ जगह पेड़ के टहनी लाइनों पर गिर गए। इससे कई जगह से लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। तूफान के चलते ब्रह्मपुर बिजलीघर से जुड़े सात फीडरों के बृह्मपुर, कान्हापुर, शंकरपुरी, भारापुर, घोड़ेवाला, दीदाहेड़ी, हलवाहेड़ी, भंगेड़ी महावतपुर, जलालपुर, टोडा खटका, बेलड़ी आदि करीब 40 गांव और शेरपुर, माजरा, आरआर सिनेमा, कोर कॉलेज कॉलोनी, दुर्गा कॉलोनी, नंद कॉलोनी आदि 12 कॉलोनियों में बिजली गुल हो गई।
वहीं दूसरी ओर तूफान से रामपुर में पेड़ टूटकर गिरने से दो बिजली के खंभे भी टूट गए। इससे पूरे शहर के साथ ही देहात क्षेत्र जैसे भगवानपुर, मंगलौर, कलियर, झबरेड़ा आदि इलाकों में बिजली ठप हो गई। कुछ देर तक लोग बिजली सप्लाई शुरू होने का इंतजार करते रहे। इसके बाद उन्होंने ऊर्जा निगम के अधिकारियों को फोन किया लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। बिजली कटौती से सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों और बच्चों को उठानी पड़ी। रात में अंधेरा और लगातार बारिश होने से कर्मचारी चाहकर भी लाइन ठीक नहीं कर पाए। सुबह होते ही कर्मचारी काम पर लग गए। ऐसे में शहरी इलाकों में सुबह करीब 11 बजे बिजली सप्लाई शुरू हो गई। वहीं देहात क्षेत्र में कड़ी मशक्कत के बावजूद शाम को चार बजे तक भी कुछ क्षेत्रों में सप्लाई शुरू नहीं हो पाई थी। ऐसे में शहर के लोगों ने करीब नौ तो देहात में 13 घंटे बिजली गुल रही। इस दौरान लोगों को सुबह के समय पानी की किल्लत भी झेलनी पड़ी। नगरवासी राहुल गुप्ता, मंजीत, महिपाल सिंह, सोमपाल, आदित्य त्यागी, अजय रावत, मुकेश धीमान, संजय अग्रवाल, मनोज शर्मा आदि का कहना है कि आए दिन बिजली कटौती से उन्हें भारी परेशानियां उठानी पड़ रही है। वहीं मामले में ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता नंदिता अग्रवाल ने बताया कि तेज तूफान में पेड़ और टहनी टूटकर गिर गए थे। इसलिए लाइनों को दुरुस्त करने में समय लगा।
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तेज तूफान से हरिद्वार हाईवे पर गिरा पेड़, लगा जाम
तूफान से हरिद्वार हाईवे पर एक पेड़ टूटकर गिर गया। गनीमत रही कि पेड़ की चपेट में कोई राहगीर नहीं आया। इसी बीच तेज बारिश शुरू हो गई। हालांकि इस दौरान छोटे वाहन तो इसके एक छोर से निकलते रहे, लेकिन बड़े वाहन नहीं निकल पाए। इससे हाईवे पर लंबा जाम लग गया। सुबह करीब पांच बजे वाहनों की लंबी कतार लगी देख सिविल लाइंस कोतवाली में तैनात होमगार्ड ने दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना पर पहुंची दमकल की टीम ने वुडन कटर से पेड़ काटकर सड़क से हटाया। इसके बाद धीरे-धीरे वाहनों को निकाला गया। जाम खुलने पर लोगों ने राहत की सांस ली। इस दैरान दमकल विभाग की टीम में लीडिंग फायरमैन अतर सिंह राणा, चालक राकेश गौड़, फायरमैन हरिश्चंद्र राणा, फायरमैन देवेंद्र सिंह भंडारी आदि मौजूद रहे।
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