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बसों के इंतजार में बहनों के यहां पहुंचने को बहाना पड़ा पसीना

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रुड़की बस अड्डे पर भैया दूज को लेकर बसों के चढ़ने के लिए लगी लोगों की भीड़। - फोटो : ROORKEE
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भैया दूज पर बहनों के यहां पहुंचने के लिए रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों की भारी भीड़ जुटी। इससे परिवहन निगम के इंतजाम कम पड़ गए। रुड़की डिपो की ओर से सभी 36 बसों का संचालन किया गया था। बावजूद इसके यात्री घंटों तक बसों का इंतजार करते रहे। साथ ही बसों में चढ़ने के लिए मारामारी करने के बाद भी बस में खड़े होकर सफर को मजबूर होना पड़ा।
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शनिवार को रुड़की बस अड्डे से ऋषिकेश, बिजनौर, मुरादाबाद, सहारनपुर और अंबाला आदि शहरों के लिए रोडवेज बसें नहीं मिल पाईं। सुबह से बस अड्डे पर भीड़ लगी हुई है। जो बसें मिली भी, उनमें भी पैर रखने की जगह नहीं थी। इससे बहनों के घर पहुंचने से पहले भाइयों को बसों के लिए पसीना बहाना पड़ रहा है। रुड़की बस अड्डे पर कई शहरों के लिए सीधी बस सेवा नहीं मिल पाई। इसके कारण यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। स्थिति यह है कि ऋषिकेश जाने के लिए पहले यात्रियों को हरिद्वार बस अड्डे पर पहुंचना पड़ा। इसके बाद हरिद्वार से ऋषिकेश के लिए बसें पकड़नी पड़ीं। इसके अलावा बिजनौर, मुरादाबाद, नजीबाबाद और धामपुर आदि शहरों के लिए भी रुड़की डिपो से कोई बस नहीं मिल पाई। इसी तरह हल्द्वानी और नैनीताल जाने वाले यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ी। रुड़की से अंबाला, चंडीगढ़ और यमुनानगर आदि शहरों के लिए भी कम संख्या में ही बसें मिल पाईं। इसके अलावा मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और देवबंद रूट पर यात्रियों को डग्गामार बसों का सहारा लेना पड़ा। रुड़की डिपो के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी विवेक कपूर ने बताया कि डिपो की सभी 36 बसों को संचालित किया गया था। इनमें से 18 दिल्ली, दो चंडीगढ़, एक नैनीताल और बाकी लोकल रूटों पर चलाई गई हैं।
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