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जीवित लोग तरसे, मृतक को पांच साल से मिला रहा राशन

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खाद्य पूर्ति विभाग के कारनामे भी अजब हैं। यहां जीवित लोग सस्ते राशन के लिए तरस रहे हैं और विभाग मृतक को राशन बांट रहा है। यह कारनामा रुड़की ब्लॉक के भंगेड़ी गांव में करीब पांच साल से हो रहा है। मृतका का नाम राशन कार्ड से कटवाने के लिए युवक पांच साल से विभाग के चक्कर लगा रहा है। हद तो तब हो गई जब विभाग ने मृतका का नाम काटने के बजाय राशन पाने वाले चार सदस्यों का नाम ही राशन कार्ड से काट दिया।
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रुड़की ब्लॉक के भंगेड़ी गांव निवासी नीरज बुधवार को खाद्य विभाग पहुंचे। उनके कागजों में कर्मचारियों ने कुछ कमी निकाल दी तो वह खाद्य पूर्ति विभाग पर भड़क उठे। पूछने पर पता चला की उनके राशन कार्ड में पांच यूनिट दर्ज हैं। करीब पांच साल पहले उनकी माता का निधन हो गया था। तब उन्होंने राशन कार्ड से मां का नाम कटवाने के लिए खाद्य पूर्ति विभाग में आवेदन दिया था। आरोप है कि खाद्य पूर्ति विभाग ने मां का नाम काटने के बजाय परिवार के अन्य सदस्यों के नाम काट दिए। उस दिन से आज तक यही सिलसिला चला आ रहा है। नीरज राशन लेने दुकान पहुंचते हैं तो केवल एक यूनिट यानी मृतक मां का राशन दिया जाता है। वह लगातार खाद्य पूर्ति विभाग के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन आज तक उनकी मां का नाम काटकर परिवार के सदस्यों के नाम नहीं जोड़े गए हैं। ये पहला मामला नहीं है, जब राशन कार्ड से लोगों के नाम काट दिए गए हों। आए दिन 15 से 20 लोग विभाग में ऐसे पहुंच रहे हैं, जिनका किसी न किसी तकनीकी खामी से राशन कार्ड से नाम काट दिया गया है। अब उन्हें दोबारा नाम जुड़वाने के लिए खासी जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
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कुछ लोगों ने पुराने आधार कार्ड जमा किए हैं। राशन कार्ड को अपडेट करते समय पुुराने खामियों वाले आधार के नाम कट जाते हैं। उन्हें नया आधार कार्ड देकर जुड़वाया जा सकता है। मृतक महिला का नाम राशन कार्ड से क्यों नहीं कटा, इसकी जांच करवाई जाएगी। पीड़ित को दोबारा विभाग के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
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-केके अग्रवाल, जिला खाद्य पूर्ति अधिकारी
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