सिविल अस्पताल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) संविदा कर्मचारी एवं आउटसोर्स संविदा कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते मरीजों को लगातार चौथे दिन परेशानियां उठानी पड़ीं। मरीज ओपीडी, लैब और लेबर रूम के बाहर भटकते रहे। अभी मरीजों को लंबे समय तक दिक्कतें झेलनी पड़ सकती हैं।
एनएचएम संविदा और आउटसोर्स संविदा कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार से दूसरे दिन भी सामान्य और आपातकालीन सेवाएं प्रभावित रहीं। डीईआईसी यूनिट के अलावा पैथॉलोजी लैब, ब्लड बैंक, बच्चा वार्ड, किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम, नवजात शिशुओं के लिए बनाई गई एनबीएसयू, डिजिटल एक्सरे आदि का कामकाज प्रभावित हुआ। सबसे ज्यादा परेशानी खून के सैंपल देने में हुई। कहने के लिए अस्पताल में प्राइवेट लैब भी खुली है, जहां अधिकतर जांचें निशुल्क हैं।
मरीजों ने यहां सैंपल भी दिए, लेकिन इतनी भीड़ थी कि कुछ मरीज बिना सैंपल दिए ही लौट गए। कुछ ने बाहर निजी लैबों में जांच करवाना उचित समझा। वहीं, डीईआईसी में ओपीडी पूरी तरह से बंद रही। वहीं, थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को भी खून नहीं चढ़ पाया। शुक्रवार को दो बच्चों को लौटना पड़ा। वहीं, एनएचएम संविदा कर्मचारियों ने सीएमओ कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। सीएमएस डॉ. संजय कंसल ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं पर असर न पड़े, इसलिए रोस्टर के अनुसार बाकी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।