दिल्ली से नारसन बॉर्डर से होते हुए हरिद्वार जा रहे ऑल इंडिया सिख कांफ्रेंस के अध्यक्ष गुरुचरण सिंह बब्बर के नेतृत्व में सिख समाज के लोग जिले में प्रवेश कर रहे थे।
हरकी पैड़ी हरिद्वार में ज्ञान गोदड़ी गुरुद्वारे की मांग को लेकर हरिद्वार जा रहे सिख समाज के जत्थे को पुलिस ने रोक लिया। इस दौरान लोगों ने जाम लगाने की कोशिश की। पुलिस ने किसी तरह समझाकर उन्हें वापस दिल्ली भेज दिया।
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बृहस्पतिवार सुबह लगभग 10 बजे दिल्ली से नारसन बॉर्डर से होते हुए हरिद्वार जा रहे ऑल इंडिया सिख कांफ्रेंस के अध्यक्ष गुरुचरण सिंह बब्बर के नेतृत्व में सिख समाज के लोग जिले में प्रवेश कर रहे थे। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन ने नारसन चेकपोस्ट पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। इस बीच बॉर्डर पर पहुंचे जत्थे को पुलिस ने रोक लिया लेकिन सिख समाज के लोग हरकी पैड़ी पर जाने की जिद पर अड़ गए और हाईवे पर जाम लगाने की कोशिश की।
इस पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आशीष मिश्रा, सीओ मंगलौर विवेक कुमार, कोतवाली प्रभारी शांति कुमार ने गुरुचरण सिंह बब्बर और अन्य लोगों को समझाकर वापस दिल्ली के लिए भेज दिया। इससे पूर्व गुरुचरण सिंह ने प्रेसवार्ता कर बताया कि हरिद्वार हरकी पैड़ी पर सिखों के लगभग 400 वर्ष पुराने गुरुद्वारे को नष्ट कर दिया है। वह अपने गुरुद्वारे के लिए लड़ाई लड़ने के लिए हरिद्वार जाना चाह रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें हरकी पैड़ी पर जाने नहीं दिया। कहा कि गुरुद्वारे के लिए वह संघर्ष करते रहेंगे। इस मौके पर राजेंद्र सिंह, अवतार सिंह, तेजेंद्र कौर बब्बर, सिम्मी बब्बर, सौरभ शर्मा, संजय कुमार आदि मौजूद रहे।