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समूह की महिलाओं का बैंक पर हंगामा

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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत बनाए गए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने सिविल लाइंस स्थित इंडियन बैंक की शाखा पर प्रबंधक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बैंक प्रबंधक के बाहर नहीं आने पर महिलाओं ने गेट पर हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान उन्होंने न तो किसी को अंदर जाने दिया और न ही बाहर आने दिया। बाद में बैंक मैनेजर ने 20 दिसंबर तक समस्याएं हल करने का आश्वासन दिया, तब जाकर महिलाएं शांत हुईं।
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बृहस्पतिवार को एनआरएलएम के तहत टोडा कल्याणपुर गांव में बनाए गए तीन स्वयं सहायता समूहों की करीब 50 महिलाएं दीपा के नेतृत्व में एकत्र होकर सिविल लाइंस स्थित इंडियन बैंक पहुंचीं। बड़ी संख्या में महिलाओं को आते देख गार्ड ने दरवाजा बंद कर दिया। इस पर महिलाओं ने गेट पर ही हंगामा शुरू कर दिया। बैंक मैनेजर के नहीं मिलने पर उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की। महिलाओं का आरोप था कि उनके समूह के खाते लंबे समय से बैंक में हैं। पहले भी बैंक के संबंधित काम होते रहे हैं, लेकिन वर्ष 2018 से कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) के तीन लाख नहीं दिए जा रहे हैं। सीसीएल का पैसा होने के बावजूद महिलाओं के खाते में नहीं भेजा जा रहा है। बहुत सी महिलाओं की चेकबुक भी नहीं दी जा रही है। लगातार एक महीने से महिलाएं बैंक के चक्कर काट रही हैं।
आरोप लगाया कि बैंक प्रबंधक अक्सर महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं। कई बार कागजी कार्रवाई पूरी करने के बावजूद उनके खातों में पैसा रिलीज नहीं किया जा रहा है। इससे समूह चलाने में परेशानियां आ रही हैं। इस दौरान बाहर से पहुंचे मैनेजर को भी महिलाओं ने अंदर नहीं आने दिया। उन्होंने बाहर ही समस्याएं हल करवाने की मांग की। मामले की जानकारी मिलते ही सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस और एनआरएलएम की ब्लॉक मिशन प्रबंधक रोमा सैनी भी मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने महिलाओं को समझाकर शांत किया। इसके बाद महिलाओं के प्रतिनिधिमंडल की बैंक मैनेजर से वार्ता करवाई। बैंक मैनेजर विपिन पांडे ने बताया कि उनके बैंक में इलाहाबाद बैंक मर्ज हुआ है। इसलिए कुछ तकनीकी खामियां आ रही हैं। उन्होंने 20 दिसंबर तक महिलाओं के सारे काम करने का आश्वासन दिया। इसके बाद महिलाएं लौट गईं।
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नायब तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे
महिलाओं के हंगामे की सूचना किसी ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंशुल सिंह को दे दी। उन्होंने नायब तहसीलदार को मौके पर भेजकर महिलाओं की समस्या हल करवाने के निर्देश दिए। नायब तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर महिलाओं का पाक्ष जाना। इसके बाद बैंक मैनेजर से भी मामले की जानकारी ली। उन्होंने बैंक मैनेजर को हिदायत दी कि महिलाएं अपना कामकाज छोड़कर बैंक पहुंचती हैं। इसलिए उनकी समस्याओं को अविलंब हल करना चाहिए। साथ ही इस मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इन महिलाओं ने किया प्रदर्शन
सुलोचना, कल्पना, रेशमा, अंजू, रूबी, दीया, सविता, सीमा, सुमन, संगीता, रेखा, मीरा, सोनकला, रामवती, सोमवती, रीना, मेघो रानी, बबली, चिंकी, ममता, रेखा, सुमन, सुखला, शकुंतला, अनारकली, पिंकी, छोटी, भारती, रोशन, मुसरिना, मीनाक्षी आदि।
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